देश की खबरें | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टॉकहोम समझौते का अनुसमर्थन किया, सात खतरनाक रसायनों पर प्रतिबंध लगाया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिये हानिकारक सात रसायनों को प्रतिबंधित करते हुए ‘स्टॉकहोम समझौते’ के समर्थन को बुधवार को मंजूरी दे दी।

इन सात प्रतिबंधित रसायनों को स्टॉकहोम समझौते के तहत स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (पीओपी) के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है।

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह घोषणा करते हुए कहा, ‘‘हमनें स्टॉकहोम समझौते का अनुसमर्थन कर दिया है। स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिये हानिकाकर सात रसायनों को प्रतिबंधित किया गया है। भारत विश्व को यह सकारातमक संदेश दे रहा है कि हम भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और हम स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के खतरे को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ’’

मंत्रिमंडल ने घरेलू नियमों के तहत विनियमित की गई प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्‍य से पीओपी के संबंध में अपनी शक्तियां विदेश मंत्रालय और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को सौंपी है।

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स्टॉकहोम समझौता एक वैश्विक संधि है, जो मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को पीओपी से बचाने के लिये है। पीओपी की पहचान उन रसायनिक तत्वों के रूप में की गई है जो पर्यावरण में मौजूद हैं, जीवों में जैविक रूप से संचित होते जाते हैं, मानव स्वास्थ्य/ पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं तथा पर्यावरण में लंबे समय तक टिके रहने की इनमें विशेषता होती है।

पीओपी के कारण कैंसर हो सकता है, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र, रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंच सकता हैं और प्रजनन के विकार हो सकते हैं तथा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी इसका असर पड़ सकता है।

भारत ने अनुच्छेद 25(4) के मुताबिक 13 जनवरी 2006 को स्टॉकहोम समझौते की अभिपुष्टि की थी।

सुरक्षित वातावरण प्रदान करने और मानव स्वास्थ्य खतरों को दूर करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 के प्रावधानों के तहत पांच मार्च 2018 को ‘दीर्घकालिक जैविक प्रदूषकों के विनियमन' को अधिसूचित किया था।

अन्‍य बातों के अलावा इसमें सात रसायनों, जैसे (1) क्‍लोरडीकोन, (2)हेक्‍साब्रोमोडीफिनाइल, (3) हेक्‍साब्रोमोडीफिनाइल इथर औरपेंटाब्रोमोडीफिनाइल (कमर्शियल पेंटा-बीडीई), (4)पेंटाक्‍लोरोबेंजीन, (5)हेक्‍साब्रोमोसाइक्‍लोडोडीकेन और (6)हेक्‍साक्‍लोरोबूटाडीन के उत्‍पादन, व्यापार, उपयोग, आयात और निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया गया, जो स्टॉकहोम समझौते के अंतर्गत पीओपी के रूप में पहले से ही सूचीबद्ध हैं।

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