देश की खबरें | यूआईडीएआई को अपवाद स्वरूप लापता व्यक्ति की जानकारी देने के लिए कहा जा सकता है: अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित कर कहा कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को असाधारण परिस्थितियों में किसी गुमशुदा व्यक्ति की जानकारी सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जा सकता है।

नयी दिल्ली, एक अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित कर कहा कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को असाधारण परिस्थितियों में किसी गुमशुदा व्यक्ति की जानकारी सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जा सकता है।

उच्च न्यायालय ने कहा कि बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में अदालत को तत्काल कार्रवाई करनी होती है क्योंकि गुमशुदा व्यक्ति खतरे में हो सकता है और ऐसी परिस्थितियों में यूआईडीएआई को जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जा सकता है।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका किसी ऐसे व्यक्ति को पेश करने के निर्देश का अनुरोध करते हुए दायर की जाती है जो गुमशुदा है या अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने कहा, “...मामले की गंभीरता को देखते हुए और किसी व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय यूआईडीएआई को वर्तमान मामले जैसे कुछ अपवाद मामलों में बिना पूर्व सुनवाई के भी सीलबंद लिफाफे में जानकारी देने का निर्देश दे सकता है।”

पीठ ने उच्चतम न्यायालय के के.एस. पुट्टुस्वामी फैसले का हवाला दिया, जिसमें निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया था और कहा गया था कि यह स्थापित धारणा है कि आधार कार्ड बनाते समय यूआईडीएआई को उपलब्ध कराई गयी जानकारी व्यक्ति की निजी और व्यक्तिगत जानकारी है।

उच्च न्यायालय ने कहा, “इस जानकारी को गोपनीय रखा जाना चाहिए और यूआईडीएआई द्वारा गोपनीयता सुनिश्चित की जानी चाहिए। सामान्य परिस्थितियों में आधार कार्ड तैयार करने के लिए किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गयी जानकारी उक्त व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी होती है और गोपनीयता के कानून द्वारा सुरक्षित होती है। हालांकि, कभी-कभी इसके अपवाद भी होते हैं।”

उच्च न्यायालय एक बेटी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें पुलिस को उसकी मां को पेश करने का निर्देश देने ता अनुरोध किया गया था, जो मई 2019 से लापता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\