तिरुवनंतपुरम, 12 फरवरी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने बुधवार को केरल विधानसभा में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एलडीएफ ने पहले निजी विश्वविद्यालयों का विरोध किया और अब उनका पक्ष ले रहा है, जैसा कि उसने ‘सीप्लेन’ पर्यटन के मामले में किया था।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर पलटवार करते हुए राज्य के पर्यटन मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने कहा कि ओमन चांडी सरकार के दौरान प्रस्तावित ‘सीप्लेन’ परियोजना शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि इसके संबंध में ‘‘उचित तैयारी’’ नहीं की गई थी।
रियास वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला की उस टिप्पणी का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) निजी विश्वविद्यालयों के मामले में भी वही रुख अपना रहा है जैसा कि ‘सीप्लेन’ परियोजना के मामले में है। चेन्निथला ने कहा कि वाम दलों ने पहले भी दोनों परियोजनाओं का विरोध किया था और अब उन्हें स्वीकार कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि तत्कालीन ओमन चांडी सरकार ने मछुआरों के साथ चर्चा नहीं की और न ही ‘सीप्लेन’ संचालकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान किया, जिसके कारण अतीत में यह पहल विफल हो गई।
मंत्री ने कहा, ‘‘यदि उन्होंने बांधों का उपयोग करके परियोजना को क्रियान्वित करने का निर्णय लिया होता, तो इसका कोई विरोध नहीं होता और यह सफल हो जाती। उचित तैयार की कमी के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।’’
केरल में पहला ‘सीप्लेन’ पिछले वर्ष नवंबर में कोच्चि के जलक्षेत्र से उड़ान भरकर इडुक्की के पहाड़ी जिले के मट्टुपेट्टी बांध पर उतरा था।
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