कतर की ओर से इस्लामिक समूहों का समर्थन किए जाने को लेकर दोनों देशों के बीच रिश्ते कई वर्षों से तनावपूर्ण थे।
दोनों देशों ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि अबू धाबी में कतर के दूतावास जबकि दुबई में कतर के वाणिज्य दूतावास के अलावा दोहा में यूएई के दूतावास ने काम करना शुरू कर दिया है। बयान में यह नहीं कहा गया है कि क्या इन दूतावासों में राजदूत हैं या नहीं।
कतर ने कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने राजनयिक मिशनों को फिर से खोलने पर एक-दूसरे को बधाई देने के लिए फोन पर बात की।
पश्चिम एशिया में इस्लामिक समूहों के समर्थन को लेकर यूएई, सऊदी अरब, बहरीन और मिस्र ने 2017 में कतर के बहिष्कार और आर्थिक नाकाबंदी की घोषणा की थी।
सामान्य रूप से मित्रतापूर्ण संबंध रखने वाले खाड़ी के अरब देशों के बीच अभूतपूर्व राजनयिक संकट ने शुरू में सशस्त्र संघर्ष की आशंकाओं को जन्म दिया था
लेकिन, कतर की गैस सम्पदा और तुर्की तथा ईरान के साथ उसके घनिष्ठ संबंधों ने इसे आर्थिक प्रतिबंधों से काफी हद तक बचा लिया था।
कतर के इस बहिष्कार को जनवरी 2021 में आधिकारिक रूप से हटा दिया गया था।
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