ट्रंप ने नेतान्याहू को निष्ठाहीन व्यक्ति बताया और कहा कि उन्होंने दशकों से चली आ रही अमेरिकी नीति को पलटते हुए नेतान्याहू के चुनाव में उनकी मदद की थी। साथ ही उन्होंने युद्ध में कब्जाए गए क्षेत्र पर इजरायल के दावों का समर्थन भी किया था।
ट्रंप अभी भी झूठा दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी चुनाव उनसे चुराया गया।
ट्रंप ने नेतान्याहू द्वारा ऑनलाइन प्रसारित एक वीडियो पर रोष व्यक्त किया, जिसमें नेतान्याहू ने बाइडन को जीत की बधाई दी थी। ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में इजरायली पत्रकार बराक नेविद को दिये साक्षात्कार में ये बातें कहीं थी, जिन्हें शुक्रवार को समाचार पत्र 'येडिओट अहारोनोट' में प्रकाशित किया गया।
ट्रंप ने नेतान्याहू के उपनाम के जरिये उनका जिक्र करते हुए कहा, ''बीबी के लिये किसी और ने इतना कुछ नहीं किया। मैं बीबी को पसंद करता था। मैं अब भी बीबी को पसंद करता हूं। लेकिन मुझे वफादारी भी पसंद है। बीबी चुप रह सकते थे। उन्होंने एक भयानक गलती की।''
नेतान्याहू ने चुनाव में बाइडन की जीत के 12 घंटे बाद उन्हें बधाई दी थी। उससे पहले दुनियाभर के अधिकतर नेता बाइडन को बधाई दे चुके थे। हालांकि बधाई ट्वीट में नेतान्याहू ने बाइडन को निर्वाचित राष्ट्रपति नहीं कहा था। इसके बाद उन्होंने एक पोस्ट की थी, जिसमें ट्रंप की प्रशंसा की गई थी।
ट्रंप नेतान्याहू द्वारा 20 जनवरी को जारी एक वीडियो को लेकर भी खासतौर पर नाराज दिखे। बाइडन के राष्ट्रपति का पदभार संभालने वाले दिन जारी इस वीडियो में नेतान्याहू ने कहा था कि उनके और बाइडन के बीच दशकों से बहुत गहरी दोस्ती रही है।
ट्रंप के हवाले से खबर में कहा गया है, ''मैंने तब से उनसे बात नहीं की।''
नेतान्याहू इजराइल में दो साल से भी कम समय में चार बार चुनाव होने के बाद भी सरकार नहीं बना पाए थे, जिसके बाद पिछली गर्मी में उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा था।
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