जरुरी जानकारी | तोमर ने टिड्डी नियंत्रण के लिए कीटनाशक छिड़काव प्रणाली वाला हेलीकॉप्टर राजस्थान रवाना किया

ग्रेटर नोएडा, 30 जून केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राजस्थान में टिड्डियों से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में इन कीट-पतंगों पर नियंत्रण करने के लिए कीटनाशन छिड़काव प्रणाली से युक्त एक बेल हेलीकाप्टर मंगलवार को यहां एक हेलिपैड से रवाना किया।

देश के उत्तर पश्चिम के राज्यों में टिड्डियों का भारी प्रकोप चल रहा है। पिछले हफ्ते, टिड्डियों का झुंड दिल्ली के बाहरी इलाकों और उत्तर प्रदेश में भी पहुंच गया।

यह भी पढ़े | SBI ग्राहक ध्यान दें! 1 जुलाई से ATM से कैश निकालना हो जाएगा महंगा, यहां पढ़ें डिटेल्स.

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण और अन्य राज्यों में इसके प्रसार पर रोक लगाने के लिए, सरकार सभी प्रकार के उपकरणों, यहां तक ​​कि आधुनिक ड्रोन और वाहनों का उपयोग कर रही है।

हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के बाद, तोमर ने कहा कि हेलीकाप्टर बाड़मेर के उत्तरलाई में वायु सेना स्टेशन के लिए उड़ान भरेगा, जहां आरंभिक दौर में इसे तैनात किया जायेगा तथा बाद में इसे बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और नागौर के रेगिस्तानी इलाकों में टिड्डी नियंत्रण के लिए तैनात किया जाएगा।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: इन सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, इस महीनें से मिलेगी पूरी सैलरी और पेंशन.

उन्होंने कहा कि बेल 206-बी 3 हेलीकॉप्टर में एक बार की यात्रा में 250 लीटर कीटनाशक को ले जाने की क्षमता होगी जिस हेलीकॉप्टर का एकल पायलट परिचालन किया जा सकेगा और एक उड़ान में लगभग 25-50 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जा सकेगा।

एक अधिकार प्राप्त समिति ने महानिदेशक नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सभी मंजूरी मिलने के बाद रेगिस्तानी क्षेत्र में हवाई छिड़काव के लिए एक हेलीकॉप्टर तैनात करने के लिए कंपनी के नाम को मंजूर किया था।

बयान में, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कहा कि 11 अप्रैल से, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार में 2,33,487 हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाये गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और हरियाणा में फसल का कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, राजस्थान के कुछ जिलों में कुछ मामूली फसल नुकसान हुए हैं।’’

तोमर ने कहा कि संबंधित राज्यों में मशीनों, वाहनों और श्रमबल की तैनाती बढ़ा दी गई है और संबंधित राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से धन का उपयोग कर रहे हैं।

तोमर ने कहा कि ब्रिटेन स्थित एक कंपनी को पांच हवाई छिड़काव मशीनों के लिए ऑर्डर दिया गया है और एक बार इन्हें प्राप्त करने के बाद इन्हें भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों में लगाया जाएगा और उन्हें टिड्डियों के नियंत्रण के काम के लिए लगाया जाएगा।

इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, संसद सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और कृषि सचिव संजय अग्रवाल भी उपस्थित थे।

भारत प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने के बाद टिड्डी नियंत्रण के लिए ड्रोन का उपयोग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। बयान में कहा गया है कि ड्रोन के इस्तेमाल ने एक अतिरिक्त आयाम जोड़ा है क्योंकि यह लंबे पेड़ों वाले इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में काफी प्रभावी साबित हुए है।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के ताजा जानकारी के अनुसार, टिड्डियों की समस्या से निपटने के लिए दक्षिण पश्चिम एशियाई देशों (अफगानिस्तान, भारत, ईरान और पाकिस्तान) के तकनीकी अधिकारियों की आभासी बैठकें साप्ताहिक आधार पर हुई हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)