देश की खबरें | चैंबर के अंदर वकील की गोली मारकर हत्या करने के तीन आरोपी गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गाजियाबाद जिले के सिहानी गेट क्षेत्र में बुधवार को तहसील कार्यालय परिसर में एक वकील की गोली मारकर की गयी हत्या के सिलसिले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गाजियाबाद (उप्र), 31 अगस्त गाजियाबाद जिले के सिहानी गेट क्षेत्र में बुधवार को तहसील कार्यालय परिसर में एक वकील की गोली मारकर की गयी हत्या के सिलसिले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सहायक पुलिस आयुक्त योगेश पी. ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बुधवार दोपहर को तहसील अदालत परिसर में अपने चैंबर में खाना खा रहे वकील मनोज चौधरी (54) की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने आज सुबह करीब साढ़े आठ बजे हमदर्द यूनानी दवा फैक्टरी ग्राउंड से मृतक वकील के बहनोई अमित डागर, उसके भाई नितिन डागर और उसके साथी अनुज उर्फ पालू को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई एक देशी पिस्तौल, दो कारतूस और दो कारें बरामद की हैं।

योगेश के मुताबिक अमित ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसका अपनी पत्नी सरिता चौधरी से कई बार झगड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक विवाद का कारण यह था कि उसकी पत्नी सरिता चौधरी और साले वकील मनोज चौधरी ने उसने दुहाई गांव में स्थित उसके मकान और चिरंजीव विहार के फ्लैट को उसकी मर्जी के बगैर बेचने की योजना बनाई थी। दोनों मकानों की कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।

सहायक पुलिस आयुक्त के अनुसार अमित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की कि वह अपने घर को बर्बाद न करे लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। पुलिस का कहना है कि अमित ने अपनी पत्नी को रक्षाबंधन पर बुलाया था लेकिन उसने घर वापस आने से इनकार कर दिया।

योगेश के मुताबिक अमित ने पूछताछ में बताया कि इसके बाद उसने चौधरी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और बुधवार को उसे गोली मार दी।

सिहानी गेट थाना क्षेत्र में बुधवार को अधिवक्ता मनोज चौधरी उर्फ मोनू जाट (54) दोपहर करीब दो बजे अपने चैम्बर में खाना खा रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलायीं। इस घटना में चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस संबंध में मोनू की पत्नी कविता चौधरी ने अमित डागर और नितिन डागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि वारदात के वक्त उनके तीन साथी मदन डागर, अनुज और पालू उर्फ अमित भी वहां मौजूद थे।

शिकायतकर्ता कविता ने पुलिस को बताया कि उसकी भाभी सरिता चौधरी अपने पति अमित से विवाद के बाद उनके साथ रह रही थी। इसी साल 15 जनवरी को आरोपी अमित ने अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों पर गोली चला दी थी । इस घटना के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था।

कविता ने बताया, कुछ महीनों के बाद जब अमित को जमानत मिली तो वह अपनी पत्नी सरिता को अपने साथ अपने आवास पर ले गया, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद उसने फिर से उसे पीटना शुरू कर दिया। इसके चलते उसने जून में फिर से अपने पति का घर छोड़ दिया और अपने भाई (मनोज चौधरी) के साथ रहने लगी।

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