देश की खबरें | चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा के बारे में चर्चा का यह उपयुक्त समय नहीं: विदेश मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए वहां के नागरिकों को पर्यटक वीजा फिर से जारी किए जाने के बारे में चर्चा करने का यह उपयुक्त समय नहीं है।
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए वहां के नागरिकों को पर्यटक वीजा फिर से जारी किए जाने के बारे में चर्चा करने का यह उपयुक्त समय नहीं है।
वैश्विक विमानन निकाय आईएटीए ने 20 अप्रैल को सदस्य कंपनियों से कहा कि भारत ने चीनी नागरिकों को जारी किए गए पर्यटक वीजा को निलंबित कर दिया है। मंत्रालय ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक मीडिया ब्रीफिंग में इस बारे में पूछे जाने पर कहा, "मुझे लगता है कि आप चीन में शंघाई और अन्य जगहों पर कोविड की स्थिति से अवगत हैं। शंघाई में जो हो रहा है और वहां की कोविड स्थिति को देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि चीन के लिए पर्यटक वीजा जारी करने पर चर्चा के लिए यह वास्तव में उपयुक्त क्षण है।’’
बागची ने कहा कि चीन ने खुद ही नवंबर 2020 से भारतीयों को अधिकतर प्रकार के वीजा पर रोक लगा दी है।
इस संबंध में जोर दिए जाने पर उन्होंने दोहराया, "मुझे नहीं लगता कि यह चीन के साथ पर्यटक वीजा जारी करने के बारे में चर्चा करने का सबसे उपयुक्त समय है। आप वहां की स्थिति से अवगत हैं। मुझे नहीं लगता कि यह पर्यटक वीजा जारी करने के बारे में बात करने का सही समय है। चीनियों ने खुद हमें वीजा जारी नहीं किया है। चीन की यात्रा करना और वहां से बाहर यात्रा करना आसान नहीं है।’’
अधिकारियों ने कहा कि चीनी नागरिकों के लिए कुछ वीजा अल्पकालिक थे और उनकी अवधि समाप्त हो गई है।
उन भारतीय छात्रों के बारे में पूछे जाने पर जो पढ़ाई के लिए वापस चीन नहीं जा पाए हैं, बागची ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी की पिछली यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद ही उल्लेख किया था कि इस मुद्दे को उठाया गया था।
बागची ने कहा, "हमने उनसे भारतीय छात्रों के सामने आ रही कठिनाइयों पर गौर करने का अनुरोध किया है। लेकिन तब से हमें, इस मुद्दे पर कोई नयी जानकारी नहीं मिली है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हम ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"
भारत चीनी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 22,000 भारतीय छात्रों की पीड़ा को चीन के साथ उठाता रहा है जो भौतिक कक्षाओं के लिए वापस जाने में असमर्थ हैं। चीन ने उन्हें अपने देश में आने की अब तक अनुमति नहीं दी है। इन छात्रों को 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़कर चीन से वापस भारत आना पड़ा था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)