देश की खबरें | एनईपी में 21वीं सदी के लक्ष्यों के संगत नयी प्रणाली को आकार देने की सोच :कस्तूरीरंगन
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर जानेमाने वैज्ञानिक के कस्तूरीरंगन ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 21वीं सदी के आकांक्षी लक्ष्यों के साथ नयी प्रणाली में योगदान देगी जिसकी जड़ें भारत के मूल्यों और लोकाचारों में रहें।

एनईपी का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष रहे कस्तूरीरंगन ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, अभिकल्पना एवं विनिर्माण संस्थान, कांचीपुरम (आईआईआईटीडीएम) के आठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

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उन्होंने कहा, ‘‘भारत की नयी शिक्षा प्रणाली का दृष्टिकोण इस तरह से तैयार किया गया है कि यह प्रत्येक नागरिक की जरूरतों के अनुरूप उनके जीवन से जुड़े और एक न्यायपूर्ण तथा समतामूलक समाज का निर्माण करे।’’

कस्तूरीरंगन ने कहा, ‘‘एनईपी की सोच 21वीं सदी की शिक्षा के आकांक्षी लक्ष्यों के संगत एक नयी प्रणाली को साकार करने की है जिसकी जड़ें भारत की मूल्य प्रणाली और लोकाचार में निहित हों। यह नीति शिक्षा के प्रति एकीकृत और लचीला रुख रखने वाली है।’’

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इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘‘इसमें शिक्षा के अनेक चरणों के अंतर-संपर्कों को ध्यान में रखा गया है।’’

शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ घोषित किये गये आईआईआईटीडीएम के दीक्षांत समारोह में 306 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गयीं।

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