देश की खबरें | मोटे अनाज हैं पोषक तत्वों का भंडार: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की निदेशक स्वाति एस भदौरिया ने सोमवार को कहा कि मोटे अनाज पोषक तत्वों का भंडार हैं और इन्हें अपने आहार में शामिल करने से ह्रदयरोग और मधुमेह जैसे रोगों से बचा जा सकता है।
देहरादून, 10 फरवरी उत्तराखंड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की निदेशक स्वाति एस भदौरिया ने सोमवार को कहा कि मोटे अनाज पोषक तत्वों का भंडार हैं और इन्हें अपने आहार में शामिल करने से ह्रदयरोग और मधुमेह जैसे रोगों से बचा जा सकता है।
भदौरिया ने यहां उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में गैर संचारी रोग जैसे मधुमेह और उच्च रक्तचाप आदि की रोकथाम में मोटे अनाज, पर्यावरण एवं जीवनशैली के प्रभाव हेतु आयोजित एक कार्यशाला में कहा कि आजकल तेजी से बदल रही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में मोटे अनाजों की अहम भूमिका हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्यवर्द्धक तो हैं ही और साथ ही में ये कई बीमारियों से भी बचाते हैं।
इस कार्यशाला में प्रमुख वक्ता के रूप में मैसूर से पद्मश्री डॉ खादर वली को भी आमंत्रित किया गया था जो देश में 'मिलेटमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध है । उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली, मोटे अनाज के उपयोग तथा उनके स्वास्थ्य लाभों हेतु जागरूक किया।
डॉ. वली ने उचित भोजन, साधारण जीवनशैली तथा अपने दैनिक भोजन में मोटे अनाज को शामिल कर गंभीर रोगों से बचाव एवं स्वस्थ जीवन जीने पर जोर दिया ।
मोटे अनाज पर अपने शोध के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉ. वली ने कहा, ‘‘अगर आपका भोजन अच्छा है तो दवाई की कोई जरूरत नहीं है लेकिन अगर भोजन खराब है तो दवाई का भी कोई असर नहीं होगा। ऐसी स्थिति में अगर आप रोगों से दूर रहना चाहते है तो अपने भोजन में मोटे अनाज को शामिल कीजिए।’’
कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शामिल विश्व स्वास्थ्य संगठन की ‘कंट्री हेड’ डॉ भूपेन्द्र कौर औलख ने कहा कि दिनचर्या में उचित बदलाव तथा मोटे अनाज को दैनिक भोजन में शामिल किया जाना आवश्यक है।
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