विदेश की खबरें | कैपिटल में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पुलिस कमान से कोई निर्देश नहीं था
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका में प्रदर्शनकारियों ने जब कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर धावा बोला तब कई पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में स्वयं निर्णय किया कि उनका मुकाबला कैसे करना है। इसको लेकर कोई दिशानिर्देश या कोई योजना नहीं थी। साथ ही इसके लिए कोई शीर्ष नेतृत्व भी नहीं था।
वाशिंगटन, 18 जनवरी अमेरिका में प्रदर्शनकारियों ने जब कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर धावा बोला तब कई पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में स्वयं निर्णय किया कि उनका मुकाबला कैसे करना है। इसको लेकर कोई दिशानिर्देश या कोई योजना नहीं थी। साथ ही इसके लिए कोई शीर्ष नेतृत्व भी नहीं था।
एक सुरक्षाकर्मी इमारत में एक स्थान से दूसरे स्थान पर दौड़ा और प्रदर्शनकारियों का मुकाबला किया। एक अन्य ने फैसला किया कि वह मुश्किल में फंसे अधिकारियों की मदद के आह्वान पर काम करेगा। उक्त सुरक्षाकर्मी ने उन कर्मियों की मदद में तीन घंटे बिताये जिन पर किसी रसायन का छिड़काव किया गया था।
तीन अधिकारी एक दंगाई को हथकड़ी लगाने में सफल रहे। हालांकि भीड़ ने हमला किया और भीड़ में शामिल लोग गिरफ्तार व्यक्ति को हथकड़ी लगे ही अपने साथ ले गए।
गत छह जनवरी को कैपिटल में प्रदर्शनकारियों का सामने करने वाले अमेरिका कैपिटल पुलिस के चार सदस्यों से साक्षत्कार से पता चला कि जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां घुसे तो वहां कमान ढांचा कितनी जल्दी धाराशायी हो गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर दी क्योंकि विभाग ने मीडिया से बात करने वाले को निलंबित करने की चेतावनी दी है।
अधिकारियों में से एक ने कहा, ‘‘हम अपने दम पर थे, पूरी तरह से अपने दम पर।’’
इन अधिकारियों ने कहा कि उन्हें छह जनवरी की सुबह नेतृत्व द्वारा इसकी कोई चेतावनी नहीं दी गई थी कि हजारों प्रदर्शनकारी वहां आ धमकेंगे और उनके पास उनसे भी बेहतर हथियार होंगे। अधिकारियों ने बताया कि जब झड़प शुरू हुई तब उन्हें विभाग के नेतृत्व की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया कि भीड़ को कैसे रोकना है या सांसदों को कैसे बचाना है। उन्होंने बताया कि उस समय वहां पर नियमित दिनों जितने ही सुरक्षाकर्मी थे।
तीनों अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पूरी दोपहर रेडियो पर चीफ स्टीवन सुंड की आवाज नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि पता चला कि सुंड ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस के साथ किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले रखी थी। सुंड ने अगले दिन इस्तीफा दे दिया।
दो अधिकारियों ने बताया कि सुंड के सहायक वाई पिटमैन जो अब अंतरिम प्रमुख भी हैं, को रेडियो पर सुना गया और उन्होंने कहा कि ‘‘इमारत को बंद कर दो’’, हालांकि उसके बाद उनका कोई निर्देश नहीं सुना गया।
उक्त झड़प में कैपिटल पुलिस अधिकारी ब्रायन सिकनिक सहित पांच व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
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