देश की खबरें | अंक तालिका विवाद के पीछे साजिश की बू आ रही है : माकपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अपने छात्र मोर्चे के नेता से जुड़े कथित अंक तालिका विवाद को लेकर सभी ओर आलोचनाओं का सामना कर रही सत्तारूढ़ माकपा ने बुधवार को केरल में दावा किया कि इसके पीछे बड़ी साजिश है और ऐसे ‘फर्जी’ आरोपों के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जानी चाहिए।

तिरुवनंतपुरम, सात जून अपने छात्र मोर्चे के नेता से जुड़े कथित अंक तालिका विवाद को लेकर सभी ओर आलोचनाओं का सामना कर रही सत्तारूढ़ माकपा ने बुधवार को केरल में दावा किया कि इसके पीछे बड़ी साजिश है और ऐसे ‘फर्जी’ आरोपों के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जानी चाहिए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई कुछ गैरकानूनी करता है तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा और पार्टी को ऐसे लोगों का बचाव करने की जरूरत नहीं है।

एसएफआई के राज्य सचिव व एर्नाकुलम में महाराजा कॉलेज के छात्र पी. एम. अर्शो की अंक तालिका को लेकर विवाद हो रहा है। अंक तालिका के अनुसार, अर्शो ने कोई परीक्षा नहीं दी थी, इसके बावजूद उन्हें उत्तीर्ण दिखाया गया है।

इतना ही नहीं वामपंथी छात्र मोर्चे की पूर्व कार्यकर्ता के. विद्या भी विवादों में हैं। उन्होंने दूसरे कॉलेज में शिक्षक की नौकरी पाने के लिए महाराजा कॉलेज का कथित फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र दिखाया है।

अंक तालिका मामले में एसएफआई के नेता पर लग रहे आरोपों के संबंध में सवाल करने पर माकपा के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि वाममोर्चा के खिलाफ बड़ी साजिश की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि इस संबंध में एसएफआई के खिलाफ बड़ी साजिश हो रही है। एसएफआई की छवि खराब करने वाली खबरों के पीछे कौन है इसका पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जानी चाहिए।’’

गोविंदन ने कहा, ‘‘दोनों घटनाओं में पार्टी या सरकार को किसी का बचाव करने की जरूरत नहीं है।’’

मीडिया पर आरोपों के आधार पर वाममोर्चा के खिलाफ रूख अपनाने के आरोप लगाते हुए माकपा नेता ने यह भी जानना चाहा कि कोई व्यक्ति परीक्षा दिए बगैर कैसे पास हो सकता है।

अंक तालिका मुद्दे पर माकपा के वरिष्ठ नेता ए. विजय राघवन का कहना है कि यह सिर्फ एक ‘तकनीकी गलती’ थी।

उन्होंने कहा कि सामान्य समझ रखने वाले लोगों को यह पता है कि यह ‘तकनीकी गलती’ थी, लेकिन इस मुद्दे को जानबूझकर माकपा विरोधी प्रोपगैंडा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

एसएफआई की पूर्व नेता के खिलाफ फर्जी प्रमाणपत्र वाले मामले पर उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा फर्जीवाड़ा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

इसबीच कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने आरोपों को लेकर एसएफआई पर निशाना साधा और गोविंदन पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।

चेन्निथला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ये घटनाएं और एम. वी. गोविंदन का स्पष्टीकरण माकपा में गिरावट को दिखाता है। मार्क्सवादी पार्टी के राज्य सचिव इतना नीचे गिर गए हैं कि वे गलतियों को सही ठहरा रहे हैं।’’

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