देश की खबरें | दुनिया को अफगानिस्तान में गंभीर स्थिति को स्वीकार करना चाहिए: अजमेर दरगाह के दीवान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तालिबान को सभ्य समाज, खासकर भारत के लिये तत्काल खतरा बताते हुए अजमेर शरीफ दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख एवं दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने सोमवार को कहा कि दुनिया को इस गंभीर स्थिति को स्वीकार करना चाहिए।
जयपुर, 16 अगस्त तालिबान को सभ्य समाज, खासकर भारत के लिये तत्काल खतरा बताते हुए अजमेर शरीफ दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख एवं दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने सोमवार को कहा कि दुनिया को इस गंभीर स्थिति को स्वीकार करना चाहिए।
खान ने उम्मीद जताई कि नैतिक स्पष्टता रखने वाला कोई भी राष्ट्र तालिबान के साथ राजनयिक संबंध स्थापित नहीं करेगा।
खान ने एक बयान में कहा कि यदि उनकी (तालिबान की) विचारधारा अफगानों को शिक्षित और सशक्त बनाकर सभ्यता को बढावा देने की है तो उनके साथ सहयोग किया जाना चाहिए और जब तक वे ऐसा नहीं करते हैं तबतक तालिबान और उसके सहयोगियों पर वैश्रविक प्रतिबंध होना चाहिए।
पड़ोसी मुल्क की की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए खान ने कहा कि शक्तिशाली देशों को अफगान लोगों को एक मंच प्रदान करके अफगानिस्तान का समर्थन करना चाहिए, जहां अफगान लोगो की केवल आवाज सुनी जाये।
उन्होंने कहा “अफगानिस्तान में हो रही दुखद घटनाओं को सुनकर और अफगानिस्तान के नागरिकों पर थोपे गए अन्याय के दृश्यों को देखकर मेरा दिल दुखी हो जाता है।“
खान ने कहा कि तालिबान के इस जघन्य कृत्य के कारण इस्लाम को दुनिया में, विशेषतौर पर पश्चिमी देशों में गलत समझा जाता है।
कुंज
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)