नयी दिल्ली, आठ दिसंबर विनिर्माण क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने का दायित्व सरकार का नहीं बल्कि उद्योग जगत का है। सरकार यदि कुछ कर सकती है तो वह बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर सकती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी पवन गोयनका ने मंगलवार को यह बात कही।
गोयनका भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
यह भी पढ़े | ITR Filing Tips: आईटी रिटर्न 2019-20 दाखिल करने से पहले गांठ बांध लें ये जरुरी बातें.
उन्होंने कहा कि उद्योग और सरकार को एक टीम बनकर मिशन की तरह यह काम करना होगा। ताकि विनिर्माण क्षेत्र के लिए विभिन्न कारोबारों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया जा सके।
उन्होंने कहा कि सस्ते श्रम और कच्चे माल की प्रचुरता जैसी अनुकूल परिस्थितियां होने के बावजूद देश विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका।
गोयनका ने कहा, ‘‘ आत्मनिर्भर बनने का जो लक्ष्य है वह हमारे (उद्योग) लिए है ना कि सरकार के लिए। सरकार सिर्फ सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है। हम क्या करने जा रहे हैं? मैं जोर देकर कहना चाहता हूं कि क्या अगले 12 महीने में मैं अपनी कंपनी के शेयर का मूल्य देखने जा रहा हूं या प्रौद्योगिकी में निवेश करने जा रहा हूं। क्या हमारे अंदर देश को आत्मनिर्भर बनाने की भूख है?’’
उन्होंने कहा कि यह उद्योग जगत पर निर्भर करता है कि विनिर्माण और आत्मनिर्भरता के संदर्भ में हम देश को आगे रखते हैं या सरकार से अपने खुदके फायदे की चाहत रखते हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY