विदेश की खबरें | ट्रंप की ओर से लगाए गए शुल्क के खिलाफ आक्रोश उत्पादों के संभावित बहिष्कार का संकेत देता है

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सिडनी, 24 मार्च (द कन्वरसेशन) अगर अमेरिका आपके देश के खिलाफ युद्ध व्यापार छेड़ता है, तो आप किस तरह से इसका जवाब देंगे?

एक विकल्प यह हो सकता है कि आप व्यक्तिगत व्यापार युद्ध छेड़ दें और अमेरिका के उत्पादों का बहिष्कार करने लगें।

अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पारस्परिक शुल्क नीति से किसी भी देश को बख्शा नहीं जाएगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं।

अमेरिका के इस्पात और एल्युमीनियम के आयात पर शुल्क लगाने से ऑस्ट्रेलिया में इस क्षेत्र को नुकसान हो सकता है। वहीं, न्यूजीलैंड में मांस और शराब निर्यातकों के अमेरिकी शुल्क के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है।

विभिन्न देशों ने अमेरिकी शुल्क पर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया दी है। कनाडा, मैक्सिको और यूरोपीय संघ (ईयू) ने जहां अमेरिका पर पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा की है, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने संकेत दिया है कि वह इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

बहरहाल, सरकारें जवाबी कार्रवाई करती हैं या नहीं, यह तो उन्हीं पर निर्भर करता है, लेकिन उक्त देशों और अन्य देशों के नागरिकों ने अपने-अपने स्तर पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। उदाहरण के तौर पर, प्रसिद्ध कलाकार एंड्रास शिफ ने अमेरिका में प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया है।

ट्रंप प्रशासन में उद्योगपति एलन मस्क की भूमिका को देखते हुए उनके मलिकाना हक वाली टेस्ला को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है और वैश्विक स्तर पर कंपनी के वाहनों का बहिष्कार किया जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया में टेस्ला की नयी गाड़ियों की बिक्री में 72 फीसदी और जर्मनी में 76 फीसदी की गिरावट आई है। दिसंबर 2024 से कंपनी के शेयर की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा, मस्क को टेस्ला के मुख्य कार्यकारी के पद से हटाने की भी मांग की जा रही है।

कुछ देशों की सरकारें अपने नागरिकों से आग्रह कर रहीं हैं कि वे अमेरिका के सामानों को न खरीदें। उदाहरण के तौर पर, कनाडा सरकार ने अपने नागरिकों से कनाडा के उत्पाद खरीदकर और कनाडा में छुट्टियां मनाकर ‘‘अमेरिका के अनुचित शुल्क के खिलाफ लड़ने’’ का आग्रह किया है।

परोक्ष रूप से राजनीतिक परिवर्तन

जब लोग किसी सरकारी नीति का विरोध करना चाहते हैं, लेकिन उस देश का नागरिक न होने के कारण उनके पास कोई राजनीतिक शक्ति नहीं होती है, तो वे कंपनियों या ब्रांड का बहिष्कार करके अपना विरोध दर्ज कराते हैं।

जब 2003 में फ्रांस ने इराक में युद्ध का विरोध किया था, तो अमेरिका में इस युद्ध का समर्थन करने वाले लोगों ने फ्रांसीसी सामान का बहिष्कार करने का लक्ष्य रखा। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों ने रूसी सामान का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। इसी तरह, गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इजराइली उत्पादों का विरोध किया जाने लगा।

लोग अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार के जरिये सिर्फ ट्रंप के व्यापार युद्ध का ही विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अमेरिकी प्रशासन में कॉरपोरेट जगत के प्रमुख लोगों को बड़ी भूमिका सौंपे जाने के प्रति आपत्ति भी जाहिर कर रहे हैं, जिनमें एलन मस्क के अलावा बिग टेक और कई सोशल मीडिया कंपनियों के प्रमुख शामिल हैं।

ट्रंप ने उपभोक्ताओं द्वारा किए जा रहे बहिष्कार पर गुस्सा जाहिर करते हुए टेस्ला के उत्पादों के विरोध को ‘‘अवैध’’ करार दिया है।

(द कन्वरसेशन)

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