मुंबई, 17 मार्च महाराष्ट्र विधानपरिषद में सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से करने संबंधी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की टिप्पणी की सोमवार को निंदा की तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
महायुति के सदस्यों द्वारा सपकाल की टिप्पणी का मुद्दा उठाये जाने पर विधानपरिषद में हंगामा हुआ और कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सपकाल ने रविवार को कहा था, ‘‘औरंगजेब एक क्रूर शासक था। आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उतने ही क्रूर शासक हैं। वह हमेशा धर्म से जुड़े मुद्दों का सहारा लेते हैं, लेकिन सरपंच संतोष देशमुख की हत्या जैसे मामलों पर कुछ नहीं करते।’’
दिन का सत्र शुरू होते ही सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ग्रुप (सदस्य दल) के नेता प्रवीण डेरेकर ने सदन में इस मुद्दे को उठाया।
डेरेकर ने कहा, ‘‘राज्य का शासनकाज कुशल ढंग से चला रहे मुख्यमंत्री की तुलना औरंगजेब से करना एक अत्यधिक निंदनीय कार्य है और महाराष्ट्र का अपमान है।’’
उन्होंने यह भी मांग की कि एक उदाहरण स्थापित करने के लिए सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।
महायुति के घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अमोल मितकरी ने भी सपकल के बयान की आलोचना की।
विपक्ष के नेता अंबदास दानवे ने व्यक्तिगत हमलों के बारे में अपनी अस्वीकृति प्रकट की लेकिन सरकार की‘औरंगजेब जैसी मानसिकता’ होने का आरोप लगाया।
राकांपा (एसपी) के विधायक शशिकांत शिंदे ने इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं जबकि कांग्रेस नेता भाई जगताप ने इस आरोप का खंडन किया और दावा किया कि सपकल ने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणियों को लेकर सपकल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी।
राजकुमार रंजन
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