देश की खबरें | मंदिर में जातिगत भेदभाव की घटना की जांच की जाएगी: केरल सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल सरकार ने बुधवार को कहा कि प्रशासन त्रिशूर जिले के कूडलमाणिक्यम मंदिर में कथित जातिगत भेदभाव की हालिया घटना की जांच करेगा।

तिरुवनंतपुरम, 12 मार्च केरल सरकार ने बुधवार को कहा कि प्रशासन त्रिशूर जिले के कूडलमाणिक्यम मंदिर में कथित जातिगत भेदभाव की हालिया घटना की जांच करेगा।

प्रदेश सरकार ने दोहराया कि वह इस तरह की प्रथाओं के खिलाफ है।

बालू नामक एक कर्मचारी ‘कषखम’ (फूलों की साज सज्जा) के लिए मंदिर में आया था लेकिन ‘तंत्रियों’ (मुख्य पुजारियों) ने देवस्वोम बोर्ड से शिकायत की, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि अगर उसे काम करने की अनुमति दी गई तो वे अपनी ‘तंत्री’ जिम्मेदारियों को निभाने से परहेज करेंगे।

इसके बाद, बोर्ड के अधिकारियों ने अस्थायी रूप से बालू को कार्यालय में तैनात कर दिया।

केरल देवस्वोम मंत्री वीएन वासवन ने कहा कि बालू को बोर्ड के अध्यक्ष ने नहीं बल्कि कोचीन देवस्वोम प्रशासक ने कार्यालय में नियुक्त किया था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही इस तरह की प्रथाओं के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

वासवन ने कहा कि रिपोर्ट तलब की जाएगी और उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कांग्रेस विधायक एपी अनिल कुमार द्वारा सदन में यह मुद्दा उठाए जाने पर कहा, “हम इस पर गौर करेंगे।”

कुमार ने कहा कि यह घटना राज्य का अपमान है।

उन्होंने सवाल उठाया कि ‘तंत्रियों’ की शिकायत पर प्रशासक कर्मचारी को कैसे हटा सकते हैं।

कुमार ने यह भी कहा कि ऐसे आरोप हैं कि कर्मचारी के जाने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण अनुष्ठान किया गया।

उन्होंने पूछा, “अगर ऐसा हुआ है तो यह बहुत गलत है। सरकार ने क्या कार्रवाई की है?”

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