देश की खबरें | एक देश, एक चुनाव का विचार अव्यावहारिक, चुनावों की संख्या कम करना अलोकतांत्रिक: थरूर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के विचार को अव्यावहारिक करार देते हुए बुधवार को कहा कि चुनावों की संख्या को कम करना अपने आप अलोकतांत्रिक बात है क्योंकि सरकार की जवाबदेही तय करने का यही एकमात्र रास्ता है।

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के विचार को अव्यावहारिक करार देते हुए बुधवार को कहा कि चुनावों की संख्या को कम करना अपने आप अलोकतांत्रिक बात है क्योंकि सरकार की जवाबदेही तय करने का यही एकमात्र रास्ता है।

उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी की पुस्तक ‘इंडियाज एक्सपेरिमेंट विथ डेमोक्रेसी’ के विमोचन के मौके पर यह टिप्पणी की।

लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा, ‘‘सरकार को जवाबदेह ठहराने का एकमात्र रास्ता चुनाव है। ऐसे में चुनाव की संख्या को कम करना अपने आप में अलोकतांत्रिक है। जितना चुनाव होगा, उतना अपने विचार प्रकट करने का मौका मिलेगा।’’

उनका यह भी कहना था कि देश में एक साथ चुनाव करने का विचार व्यावहारिक नहीं है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और तटस्थता को लेकर सवाल खड़े होते हैं तो उसके लिए काफी हद तक आयोग की ओर से दिखने वाली कुछ खामियां भी जिम्मेदार हैं।

जानेमाने न्यायविद फली एस नरीमन ने कहा कि आज पूरी दुनिया अधिनायकवाद की तरफ बढ़ रही है जिसको लेकर चिंता करने की जरूरत है।

उनका यह भी कहना था कि ‘चुनावी बॉन्ड सिंड्रोम’ खतरनाक है और यह देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

कुरैशी ने कहा कि यह बात सच है कि देश की आजादी के बाद 10 साल तक एक साथ चुनाव होते थे, लेकिन जब सरकारें गिरने लगीं तो उसका सिलसिला टूट गया।

उन्होंने कहा कि देश के लोग चुनाव पसंद करते हैं।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि उन्हें एक संस्था के तौर पर निर्वाचन आयोग पर गर्व है क्योंकि इसने दुनिया भर में देश का गौरव बढ़ाया है, लेकिन अपवाद हर जगह होते हैं।

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