ताजा खबरें | सरकार केवल खबरों पर नियंत्रण करने और भाषणों पर ध्यान दे रही है, वास्तविक स्थिति पर नहीं: गोगोई
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कांग्रेस ने मंगलवार को मणिपुर में अशांति की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार पर केवल भाषणों और खबरों पर ध्यान देने तथा वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मणिपुर को सड़क और रेल संपर्क से जोड़ने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को दिया।
नयी दिल्ली, 11 मार्च कांग्रेस ने मंगलवार को मणिपुर में अशांति की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार पर केवल भाषणों और खबरों पर ध्यान देने तथा वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मणिपुर को सड़क और रेल संपर्क से जोड़ने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को दिया।
लोकसभा में मंगलवार को वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच, 2021-22 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों और मणिपुर के बजट पर चर्चा हुई।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा, ‘‘आज पूरी सरकार सिर्फ सुर्खियों को नियंत्रित करने पर जोर दे रही है। वह भाषणों पर अधिक निर्भर है। पूरी सरकार चाहती है कि देश उनके भाषणों, इवेंट मैनेजमेंट पर ध्यान दे। सरकार वास्तविक स्थिति पर ध्यान नहीं दे रही।’’
उन्होंने कहा कि 2023 में सदन में अविश्वास प्रस्ताव के जवाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर में जल्द शांति लाने का आश्वासन दिया था लेकिन करीब 21 महीने बाद भी राज्य की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है।
गोगोई ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने मणिपुर में जल्द शांति की बात कही थी तो वह बताएं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन क्यों लगाया गया।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आज तक मणिपुर क्यों नहीं गए? उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में बताएं कि मणिपुर विधानसभा की स्थिति क्या है और वह भंग हो चुकी है या निलंबित है।
गोगोई ने कहा, ‘‘गृह मंत्री को राज्य में राष्ट्रपति शासन की नैतिक जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। उन्हें अपनी विफलता के संदर्भ में राजधर्म का पालन करना चाहिए।’’
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि देश के उत्तर पूर्व क्षेत्र में शांति ‘बंदूक के दम पर और पुलिस की गश्त’ से नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य के लोगों की बात को धैर्य से सुनना होगा।
गोगोई के भाषण के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सदस्य निशिकांत दुबे ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि सदस्य केवल अनुदान की अनुपूरक मांगों पर बोल सकते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदस्य को अनुदान की अनुपूरक मांगों पर बात करनी चाहिए और कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
गोगोई ने जब संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री के सदन में नहीं होने की बात कही तो अध्यक्ष बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री जब भी देश से बाहर जाते हैं तो सूचित करके जाते हैं।
गोगोई ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करते हैं, लेकिन सत्तापक्ष के लोग हमेशा पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति अपमानजनक शब्द बोलते रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने पिछले महीने सदन में अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्रियों पर लगातार निशाना साधा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष की ओर से न जाने कितनी बार सदन में प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द बोले गए, क्या गोगोई इसके लिए माफी मांगेंगे।
इसके बाद जब गोगोई ने अमेरिकी टैरिफ का विषय उठाया तो बिरला ने गोगोई को चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘आप राजनीतिक टिप्पणी नहीं करें। आप बार-बार विषय बदल रहे हैं। आप विषय पर बात नहीं करेंगे तो किसी दूसरे वक्ता को मौका दिया जाएगा।’’
कांग्रेस सांसद ने सरकार की सोवरेन गोल्ड योजना का जिक्र करते हुए दावा किया कि यह योजना विफल रही और इसलिए सरकार इसे बंद करना चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बताए कि क्या सोवरेन गोल्ड योजना का उद्देश्य पूरा हुआ?’’
गोगोई ने कहा कि यह सरकार धर्म की बात करती है, लेकिन उन्होंने मंदिरों पर भी जीएसटी लगा दी है और यह कर ‘‘ब्लैकमेल का औजार बन गया है तथा इसमें कर चोरी आसान हो गयी है’’।
भाजपा के विप्लव देव ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि कांग्रेस के सदस्य ने मणिपुर की बात की, लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद ही देशवासी उत्तर पूर्व के राज्यों के बारे में जानने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि मणिपुर में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन मणिपुर में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों, पहले रेलवे स्टेशन आदि का निर्माण मोदी सरकार में किया गया और विपक्षी दल की सरकार एक राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं बना पाई।
देव ने कहा कि मणिपुर में सभी शांति सभी चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर पूर्व के 75 प्रतिशत क्षेत्र में आफस्पा लागू नहीं है जिसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)