इंदौर (मध्यप्रदेश), 18 मई अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष माधुरी पटेल ने बृहस्पतिवार को मांग की कि देश के सभी शहरों के महापौरों का कार्यकाल समान अवधि का होना चाहिए और नगरों के प्रथम नागरिकों के अधिकारों में इजाफा होना चाहिए।
पटेल ने इंदौर में ‘‘अर्बन 20’’ (यू20) की एक बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा,‘‘कुछ राज्यों में महापौर का कार्यकाल महज एक साल का है, तो कुछ सूबों में इसकी अवधि ढाई वर्ष की है। इस सिलसिले में कार्यकाल की समान अवधि को लेकर देश भर में एक विधान होना चाहिए।’’
पटेल, मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर की महापौर हैं। उन्होंने कहा,‘‘हम जनता के प्रतिनिधि हैं। हम यह प्रस्ताव भी पारित करने वाले हैं कि देश के सभी शहरों के महापौरों के अधिकार बढ़ने चाहिए।’’
पटेल ने यह भी कहा कि हर महापौर की कुर्सी ‘‘कांटों से भरी’’ होती है। उन्होंने कहा,‘‘हम महापौरों में यह क्षमता होती है कि हम कुर्सी पर बैठते वक्त इन कांटों को गुलाब का फूल समझकर सहन करते हैं। अगर हम केवल विपक्ष के विरोध पर ध्यान दें, तो हम काम ही नहीं कर पाएंगे।’’
इंदौर में यू20 की एक दिवसीय बैठक में अहमदाबाद के महापौर किरीट परमार भी शामिल हुए। गौरतलब है कि यू20 की अध्यक्षता फिलहाल अहमदाबाद के पास है। यू20 से जुड़े शहरों के महापौरों का सम्मेलन जुलाई के दौरान गुजरात के इस प्रमुख शहर में होना है।
परमार ने बताया,‘‘इस सम्मेलन से पहले हम चर्चा कर रहे हैं कि आने वाले 50 सालों में देश के शहरों को पेयजल, गंदे पानी की निकासी और ग्रामीण आबादी के शहरों की ओर पलायन सरीखे विषयों के संदर्भ में किन समस्याओं से जूझना पड़ेगा।"
यू20 की बैठक ‘‘भारतीय शहरों के लिए शहरी प्रशासन की पुनर्रचना’’ विषय पर केंद्रित थी जिसकी मेजबानी देश के सबसे स्वच्छ नगर इंदौर ने की।
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इस बैठक में 25 राज्यों के करीब 300 प्रतिनिधि शामिल हुए।
‘‘यू20’’, जी20 समूह की एक पहल है। ‘‘यू20’’ का मकसद जी20 समूह से जुड़े देशों के शहरी निकायों के बीच विचारों के आदान-प्रदान के जरिये साझेदारी की दिशा में काम करना है ताकि सतत विकास के एजेंडा को आगे बढ़ाया जा सके।
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