जरुरी जानकारी | दूरसंचार विभाग ने वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम स्तर बताने वाला संकेतक जारी किया
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नयी दिल्ली, 21 मई दूरसंचार विभाग ने साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई)’ जारी किया है जो बैंकों, यूपीआई सेवा प्रदाताओं और वित्तीय संस्थानों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने में सक्षम बनाता है।
बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, अगर कोई मोबाइल नंबर धोखाधड़ी में शामिल होने के लिहाज से संदिग्ध पाया जाता है और एफआरआई टूल उसे चिह्नित कर लेता है, तो जब भी उस नंबर पर डिजिटल भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा, तो प्रणाली अतिरिक्त सुरक्षा जांच और सत्यापन करेगा।
बयान में कहा गया है कि एफआरआई दूरसंचार और वित्तीय दोनों क्षेत्रों में संदिग्ध धोखाधड़ी के खिलाफ त्वरित, लक्षित और सहयोगात्मक कार्रवाई की अनुमति देता है।
डिजिटल आसूचना मंच (डीआईपी) के हिस्से के रूप में विकसित एक बहु-आयामी विश्लेषणात्मक उपकरण से मिले नतीजों के तौर पर एफआरआई का विकास किया गया है।
एफआरआई का मुख्य उद्देश्य वित्तीय संस्थानों को साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए अग्रिम कार्रवाई के लायक खुफिया जानकारी देना है।
दूरसंचार विभाग ने एफआरआई को हितधारकों के साथ साझा करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी के लिहाज से ‘मध्यम’, ‘उच्च’ या ‘बहुत उच्च’ जोखिम के रूप में वर्गीकृत करता है।
यह वर्गीकरण भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, दूरसंचार विभाग के चक्षु मंच और बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा साझा खुफिया जानकारी सहित विभिन्न हितधारकों से मिली सूचनाओं पर आधारित है।
बयान में कहा गया, ‘‘यह संकेतक बैंकों, एनबीएफसी और यूपीआई सेवा प्रदाताओं को मोबाइल नंबर उच्च जोखिम होने की स्थिति में अतिरिक्त ग्राहक सुरक्षा उपाय करने के लिए सशक्त बनाता है।’’
दूरसंचार विभाग ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी में शामिल रहे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आमतौर पर कुछ दिन के लिए ही होता है, और उसके पूर्ण सत्यापन में कई दिन लग सकते हैं, लिहाजा ऐसे नंबरों से जुड़े जोखिम पर अग्रिम संकेतक बहुत उपयोगी होते हैं।
डिजिटल भुगतान मंच फोनपे इस संकेतक को अपनाने वाले शुरुआती संस्थानों में से एक है। फोनपे ने बहुत अधिक जोखिम संकेतक वाले नंबरों को लेनदेन नकारने में इसका इस्तेमाल किया है।
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