ताजा खबरें | तीन तलाक के मामलों का डेटा केंद्र के पास नहीं रखा जाता, राज्य से जुड़ा विषय है: सरकार

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नयी दिल्ली, 12 मार्च सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि तीन तलाक विरोधी कानून के तहत दर्ज होने वाले मामलों का कोई डेटा केंद्र के स्तर पर नहीं रखा जाता क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्य से जुड़ा विषय है।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा सदस्य दीपक अधिकारी के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

सदस्य ने देश में तीन तलाक कानून पारित होने के बाद से दर्ज मामलों की संख्या का विवरण मांगा था।

इसके जवाब में मंत्री ने कहा, ‘‘ऐसा कोई डेटा केंद्र के स्तर पर नहीं रखा जाता है। इसके अलावा, पुलिस और विधि व्यवस्था राज्य के विषय हैं।’’

उनके मुताबिक, ‘‘ ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम’ के तहत अपराधों के मामलों में निपटारा राज्य सरकारों के स्तर पर किया जाता है।’’

मुस्लिम महिलाओं के विवाह संबंधी अधिकारों के संरक्षण के लिए 2019 में ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम’ पारित किया गया था, जिसके तहत एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किया गया और इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।

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