(किशोर द्विवेदी)
सैफई (उप्र), 11 अक्टूबर दिग्गज समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के अंतिम दर्शन के लिए मंगलवार को लोग उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई स्थित उनके पैतृक गांव में बड़ी संख्या में पहुंचे। इस बीच, वहां रुक रुक बारिश होती रही।
समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार को गुरुग्राम के निजी मेदांता अस्पताल में 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को सोमवार शाम सैफई लाया गया और उनकी ‘कोठी’ में रखा गया, जहां हजारों लोग ‘नेता जी’ को अंतिम सम्मान देने के लिए पहुंचे। यादव अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच ‘नेताजी’ के नाम से मशहूर थे।
साइकिल, मोटरसाइकिल, कार, एसयूवी और परिवहन के अन्य साधनों में सवार सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और लोग आस-पास के इलाकों से मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए सैफई पहुंचे।
पूरा सैफई मानो दूधिया सागर की तरह लग रहा था क्योंकि सफेद कपड़ों में वहां हर क्षेत्र से लोग पहुंचे थे और कई लोग अपनी-अपनी छतों पर थे। कुछ लोग पेड़ पर चढ़ गए थे तो कुछ अपने प्रिय नेता ‘धरती पुत्र’ को ले जा रहे वाहन को छूने का प्रयास कर रहे थे।
यादव के निधन पर ट्विटर पर अपने शोक संदेश में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें ‘धरती पुत्र’ कहकर संबोधित किया था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘श्री मुलायम सिंह यादव का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। साधारण परिवेश से आए मुलायम सिंह यादव जी की उपलब्धियां असाधारण थीं। ‘धरती पुत्र’ मुलायम सिंह यादव जी जमीन से जुड़े दिग्गज नेता थे। उनका सम्मान सभी दलों के लोग करते थे। उनके परिवार-जन व समर्थकों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदनाएं।’’
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सैफई में मौजूद सपा के विधान पार्षद (एमएलसी) आशुतोष सिन्हा ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मैं कल रात करीब 10 बजे यहां पहुंचा। विभिन्न क्षेत्रों के लोग ‘नेता जी’ को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए आ रहे हैं और यह सुबह भी जारी रहा। देश भर से पार्टी कार्यकर्ता अपने प्रिय ‘नेता जी’ की एक झलक और उन्हें अंतिम बार अलविदा कहने के वास्ते अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए इकट्ठा हुए हैं।’’
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