देश की खबरें | अदालत ने जामिया कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन दिसंबर तक फैसला करने की अर्जी खारिज की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की मौजूदा कुलपति नजमा अख्तर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन दिसंबर तक सुनवाई और फैसला करने का आग्रह करने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

नयी दिल्ली, 22 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की मौजूदा कुलपति नजमा अख्तर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन दिसंबर तक सुनवाई और फैसला करने का आग्रह करने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने कहा कि आवेदन विचार करने योग्य नहीं है और जब भी अपील को सूचीबद्ध किया जाएगा, इस पर सुनवाई की जाएगी।

पीठ ने कहा, “इस अदालत के समक्ष हर दिन इतने सारे मामले सूचीबद्ध होते हैं और उन पर सुनवाई होती है। इस मामले में कुछ खास नहीं है। आवेदन खारिज किया जाता है।”

यह आवेदन एकल न्यायाधीश के पांच मार्च के आदेश को चुनौती देने वाली एक लंबित अपील में आवेदन दायर किया गया था, जिसमें जामिया के कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि इसमें कोई दम नहीं है।

अपील जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के विधि संकाय के पूर्व छात्र एम एथेशाम उल हक द्वारा दायर की गई है, जिसमें कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देते हुए दावा किया गया है कि इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और जेएमआई अधिनियम के नियमों का उल्लंघन हुआ।

हक की ओर से पेश अधिवक्ता आरके सैनी ने यह निर्देश दिए जाने का आग्रह किया कि अपील पर सुनवाई की अगली तारीख यानी तीन दिसंबर को अंतिम रूप से सुनवाई हो और अगर किसी कारण ऐसा करना संभव न हो तो स्थगन या अंतरिम आदेश संबंधी आवेदन पर उस दिन सुनवाई कर निपटारा किया जाए।

उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इससे पहले याचिका पर केंद्र, केंद्रीय सतर्कता आयोग, जामिया, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अख्तर को नोटिस जारी किये थे।

एकल न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा था कि याचिकाकर्ता यह दिखाने में सफल नहीं रहा कि अख्तर को विश्वविद्यालय कुलपति के रूप में नियुक्त करते समय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या जामिया अधिनियम के किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ।

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