देश की खबरें | अदालत ने सीबीआई को महिला आरोपी के खिलाफ जारी एलओसी को रद्द करने का दिया आदेश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सोने की तस्करी के एक मामले में एक महिला के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने का निर्देश दिया है और कहा कि यह ‘‘उसकी स्वतंत्र आवाजाही में बाधा’’ है।

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सोने की तस्करी के एक मामले में एक महिला के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने का निर्देश दिया है और कहा कि यह ‘‘उसकी स्वतंत्र आवाजाही में बाधा’’ है।

पूर्णिमा गुप्ता नामक महिला ने अपने खिलाफ जारी एलओसी पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। प्रधान जिला न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने एक अप्रैल को उन्हें इस संबंध में राहत प्रधान की।

सीबीआई दिल्ली की एक कंपनी के मामले की जांच कर रही है, जो प्रसिद्ध आभूषण समूह से जुड़ी है और वह कथित तौर पर तस्करी गिरोह संचालित करती है। उक्त कंपनी से जुड़े मामले की जांच करने पर यह पता चला कि साल 2018-19 में देश में सैंकड़ों किलोग्राम सोना यह कहते हुए निर्यात किया गया था कि इसे एक प्रदर्शनी के लिए लाया गया है।

गुप्ता, इट्स माई नेम प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले के एक आरोपी के ‘‘अवैध कब्जे’’ से लगभग 50 किलोग्राम सोने के आभूषण 2019 में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब्त किए गए थे।

अदालत के न्यायाधीश ने कहा कि गुप्ता के पक्ष में दिल्ली उच्च न्यायालय का एक आदेश है, जिसमें सीबीआई से कहा गया है कि वह उनके खिलाफ कोई भी बलपूर्वक कदम न उठाए।

गुप्ता ने कहा कि यद्यपि उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था, लेकिन अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया तथा मामला रद्द करने के लिए एक याचिका पहले से ही उच्च न्यायालय में लंबित है।

न्यायाधीश ने कहा कि आवेदक यद्यपि आरोपी है, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

अदालत ने कहा, ‘‘चूंकि आवेदक को उच्च न्यायालय द्वारा जांच में शामिल होने से छूट दी गई है और आरोपपत्र की सुनवाई पर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के मद्देनजर उसकी इस अदालत में उपस्थिति आवश्यक नहीं है...इसलिए आवेदक के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा और आवेदक की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा उत्पन्न होगी।’’

अदालत ने कहा कि गुप्ता के खिलाफ एलओसी ‘‘बिना किसी आधार के’’ जारी किया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\