देश की खबरें | अदालत ने साईबाबा के खिलाफ निचली अदालत से मांगे सबूत, दस्तावेज

नागपुर, छह जून बम्बई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने सोमवार को एक सत्र अदालत से दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा के खिलाफ मामले से संबंधित सभी साक्ष्य सामग्री और दस्तावेज मांगे। साईबाबा को माओवादियों से संपर्क रखने के लिए 2017 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

अदालत मार्च 2017 के सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ साईबाबा द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी।

साईबाबा को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। साईबाबा शारीरिक तौर पर 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं।

विशेष लोक अभियोजक पी. के. साथियानाथन ने सोमवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि मामले में सबूत के रूप में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक डाटा और अन्य लेख अभी भी गढ़चिरौली की सत्र अदालत के पास पड़े हैं।

उच्च न्यायालय ने तब निर्देश दिया कि इन वस्तुओं को उसके समक्ष पेश किया जाए। अदालत मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगी।

इस मामले में साईबाबा के अलावा पांच अन्य को दोषी ठहराया गया था। उन्होंने भी उच्च न्यायालय में अपील दायर की है।

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