देश की खबरें | न्यायालय ने उप्र सरकार को निविदा जारी कर आयुर्वेदिक दवाइयां खरीदने का निर्देश दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को आयुर्वेदिक दवाइयां खरीदने के लिए आपूर्तिकर्ता नामित करने के बजाय निविदा जारी करने का मंगलवार को निर्देश दिया।

नयी दिल्ली, तीन जनवरी उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को आयुर्वेदिक दवाइयां खरीदने के लिए आपूर्तिकर्ता नामित करने के बजाय निविदा जारी करने का मंगलवार को निर्देश दिया।

न्यायालय ने कहा कि निविदा आमंत्रित करना ‘‘सर्वाधिक पारदर्शी और आवंटन करने में मनमानी की गुंजाइश नहीं छोड़ने वाली पद्धति’’ है।

शीर्ष न्यायालय ने विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार लोगों से जुड़े विषयों में मनमानी नहीं कर सकती, चाहे वह नौकरियां देना हो या अनुबंध करना हो।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) मेसर्स इंडियन मेडिसीन फार्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड की अपील खारिज कर दी, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक फैसले को चुनौती दी गई थी।

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि सरकार निविदा आमंत्रित किये बगैर सिर्फ पीएसयू से आयुर्वेदिक दवाइयां नहीं खरीद सकती।

शीर्ष न्यायालय ने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में, कंपनियों से निविदा आमंत्रित करना...सर्वाधिक पारदर्शी और आवंटन करने में मनमानी की गुंजाइश नहीं छोड़ने वाली पद्धति है। इसलिए, वादी को सिर्फ निविदा जैसी एक स्वतंत्र और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये आयुर्वेदिक दवाइयां खरीदनी चाहिए।’’

पीठ ने कहा कि इस न्यायालय ने निरंतर कहा है कि सरकारी निविदा एक पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये ही आवंटित की जानी चाहिए।

पीठ के लिए फैसला लिखते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यदि सरकार द्वारा निविदा आवंटन का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं है तो वह (सरकार) अन्य पद्धतियों से अनुबंध दे सकती है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के अनुरूप हो।’’

यह फैसला उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और उक्त पीएसयू की एक अपील पर आया है।

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