देश की खबरें | अदालत ने नकली नोट रखने और उसका इस्तेमाल करने के मामले में दो लोगों को दोषी ठहराया
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नयी दिल्ली, 10 फरवरी दिल्ली की एक अदालत ने 2,000 रुपये के नकली नोट रखने और आईएनए मार्केट की एक दुकान पर उनका इस्तेमाल करने के चार साल पुराने मामले में दो लोगों को दोषी ठहराया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लवलीन अकीब और वकार के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। अकीब और वकार के खिलाफ में कोटला मुबारकपुर थाने में भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धाराओं 489 बी (वास्तविक, जाली या नकली मुद्रा नोट या बैंक नोटों का उपयोग करना) और 489 सी (जाली या नकली नोटों को रखना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एक अन्य आरोपी मुनीश अहमद को भादंसं की धारा 489 सी के तहत आरोपित किया गया है।
अदालत ने सात फरवरी को अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने मामले के तथ्य स्थापित किए। अदालत ने कहा कि आरोपी अकीब और वकार 23 फरवरी 2020 को आईएनए मार्केट की एक दुकान पर गए तथा 2,000 रुपये के नकली नोट का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दुकानदार ने उन्हें पुलिस को सौंप दिया।
अदालत ने कहा कि तलाशी लेने पर दोनों के पास से 2,000 रुपये के 29 नकली नोट बरामद हुए।
अदालत ने कहा कि दोनों ने खुलासा किया कि उन्होंने अहमद से नकली नोट प्राप्त किए थे, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और खानपुर स्थित उसके (अहमद के) घर से तीन नकली नोट बरामद किए गए।
अदालत ने कहा कि नासिक स्थित करेंसी नोट प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जब्त किए गए सभी नोट नकली हैं।
अदालत में दोषियों की सजा पर 24 फरवरी को बहस होगी।
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