देश की खबरें | अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से लोनार झील के संरक्षण के लिए समिति गठित करने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने बुलढाणा जिले में स्थित लोनार झील के संरक्षण के लिए महाराष्ट्र सरकार को दो सप्ताह में एक विकास प्राधिकरण स्थापित करने का निर्देश दिया है। यह झील पचास हजार साल पहले एक उल्कापिंड के धरती से टकराने से निर्मित हुई थी।

नागपुर, 29 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने बुलढाणा जिले में स्थित लोनार झील के संरक्षण के लिए महाराष्ट्र सरकार को दो सप्ताह में एक विकास प्राधिकरण स्थापित करने का निर्देश दिया है। यह झील पचास हजार साल पहले एक उल्कापिंड के धरती से टकराने से निर्मित हुई थी।

न्यायमूर्ति सुनील शुकरे और न्यायमूर्ति अनिल किल्लोर की खंडपीठ ने बुधवार को कीर्ति निपांकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने झील के बदलते रंग और संरक्षण की जरूरत पर चिंता जताई थी। अंडाकार लोनार झील का व्यास लगभग 1.2 किलोमीटर है और यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

दुनियाभर के वैज्ञानिक इस पर अनुसंधान करने के लिए आते हैं। पिछले साल इसके पानी का रंग गुलाबी हो गया था जिसके चलते स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि वैज्ञानिकों के बीच भी यह झील कौतुहल का विषय बन गई थी।

वकील सी एस कप्तान ‘एमिकस क्यूरी’ हैं तथा अदालत द्वारा गठित उस समिति के सदस्य हैं जिसे झील के संरक्षण के लिए बनाया गया था।

उन्होंने लोनार झील के संरक्षण, देखरेख और विकास के लिए ‘लोनार क्रेटर झील प्राधिकरण’ नामक स्वतंत्र केंद्रीय संस्था की स्थापना के वास्ते 27 जुलाई को उच्च न्यायालय में प्रस्ताव सौंपा था। अदालत ने कहा कि एमिकस क्यूरी की ओर से एक ताजा प्रस्ताव प्राप्त हुआ है और यह उचित होगा कि एक केंद्रीय समिति का गठन किया जाए।

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