देश की खबरें | ओबीसी के उपवर्गीकरण की जांच परख के लिये गठित आयोग को 13वां विस्तार मिला : सूत्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भीतर उप-वर्गीकरण से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत गठित न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग के कार्यकाल को और छह महीने के लिये बढ़ा दिया । सूत्रों ने यह जानकारी दी ।
नयी दिल्ली, 6 जुलाई केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भीतर उप-वर्गीकरण से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत गठित न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग के कार्यकाल को और छह महीने के लिये बढ़ा दिया । सूत्रों ने यह जानकारी दी ।
इस विस्तार के साथ आयोग का रिपोर्ट पेश करने के लिये 13वीं बार कार्यकाल बढ़ाया गया है ।
सरकार ने संविधान की धारा 340 के अंतर्गत आयोग का गठन 2 अक्टूबर, 2017 को किया गया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जी रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग ने 11 अक्टूबर, 2017 को कार्य प्रारंभ किया था ।
सूत्रों ने बताया कि आयोग का कार्यकाल 31 जनवरी 2023 तक बढ़ाया गया है।
आयोग को यह विस्तार ऐसे समय में दिया गया है जब एक महीने पहले ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में सचिव आर सुब्रमण्यम ने संवाददाताओं को बताया था कि आयोग ने और विस्तार नहीं मांगा है और वह जुलाई के अंत तक अपनी रिपोर्ट पेश करेगा जब उनका वर्तमान कार्यकाल समाप्त होगा ।
आयोग को अन्य पिछड़ा वर्ग की व्यापक श्रेणी के तहत जातियों एवं समुदायों को आरक्षण के लाभ के सम विभाजन की जांच परख करने के साथ ओबीसी की केंद्रीय सूची में विभिन्न प्रविष्टियों का अध्ययन करने और किसी भी पुनरावृत्ति, अस्पष्टता, विसंगतियों, वर्तनी या प्रतिलेखन पर विचार करने एवं उनके उप वर्गीकरण का वैज्ञानिक मानदंड पेश करना है।
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