देश की खबरें | कश्मीर में हमलों के लिए सक्रिय महिला सदस्यों का इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकी समूह : अधिकारी

श्रीनगर, 31 मार्च जम्मू कश्मीर के सोपोर में सुरक्षा बलों के एक बंकर पर बुर्का पहने महिला द्वारा पेट्रोल बम फेंके जाने ने आतंकी समूहों की हताशा को उजागर किया है। आतंकवादी घाटी में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिये सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यहां यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, महिला की पहलान उत्तरी कश्मीर के बारामूला इलाके की हसीना अख्तर के रूप में हुई है। वह 2008 के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी आसिया अंद्राबी के संपर्क में आई थी, जो पहले से ही राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दर्ज आतंकी वित्त पोषण मामले में जेल में बंद थी।

बुर्का पहने महिला मंगलवार शाम सोपोर में सुरक्षा बंकर पर पेट्रोल बम फेंकते हुए सीसीटीवी की तस्वीरों में नजर आई थी। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और वह भागने में सफल रही।

महिला की तस्वीरें घाटी में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के दायरे में आई थी और बाद में उसकी पहचान तब हुई जब पुलिस ने सेब के लिये प्रसिद्ध शहर सोपोर के साथ-साथ निकटवर्ती हंदवाड़ा जिले में विभिन्न स्रोतों से बात की।

अख्तर (38) के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक 2021 में उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी समूह के पोस्टर चिपकाने से संबंधित है।

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना कर रहे आतंकी समूह अब हथगोले फेंकने, कूरियर के तौर पर काम करने जैसे अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को शामिल कर रहे हैं।

हनाफिया स्कूल से 10वीं की पढ़ाई करने वाली अख्तर को 2021 में जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह पिछले साल दिसंबर से जमानत पर थी।

कई जगहों पर छापेमारे की गई है और सोपोर पुलिस उसे पकड़ने के लिये सक्रियता से काम कर रही है।

पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) विजय कुमार ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि वह लश्कर-ए-तैयबा की सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही थी।

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