जरुरी जानकारी | अवांछित संदेश रोकने के लिए दूरसंचार कंपनियां एआई-आधारित प्रणाली लगाएंः ट्राई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दूरसंचार नियामक ट्राई ने वाणिज्यिक संदेश के लिए गैर-पंजीकृत फर्मों का पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी दूरसंचार कंपनियों को कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग पर आधारित प्रणाली लगाने का निर्देश दिया है।
नयी दिल्ली, 13 जून दूरसंचार नियामक ट्राई ने वाणिज्यिक संदेश के लिए गैर-पंजीकृत फर्मों का पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी दूरसंचार कंपनियों को कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग पर आधारित प्रणाली लगाने का निर्देश दिया है।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को बयान में बताया कि दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनियों को इन निर्देशों का पालन करने और उठाए गए कदमों के बारे में 30 दिन के भीतर सूचित करने को भी कहा गया है।
ट्राई ने कहा कि वाणिज्यिक संदेश भेजने के लिए दूरसंचार कंपनियों के पास पंजीकरण नहीं कराने वाली इकाइयों पर लगाम लगाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग पर आधारित यूसीसी पहचान प्रणाली लगानी होगी। यूसीसी का आशय अनचाहे वाणिज्यिक संचार से है।
ट्राई के मुताबिक, वाणिज्यिक संचार भेजने के लिए दस अंक के मोबाइल नंबर का उपयोग करने वाली इकाइयां गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) कही जाती हैं। हालांकि, तंग करने वाले अनचाहे संदेशों पर लगाम के लिए उठाए गए कुछ कदमों से पंजीकृत टेली-मार्केटिंग कंपनियों के खिलाफ शिकायतों में कमी आई है लेकिन यूटीएम के खिलाफ अब भी यूसीसी से जुड़ी शिकायतें लगातार आ रही हैं।
ट्राई ने कहा, ‘‘कई बार यूटीएम फर्जी लिंक और टेलीफोन नंबर वाले संदेश भेजकर ग्राहकों को अपनी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए फंसाते हैं, जिससे कई बार ग्राहकों को वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ता है।’’
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