नयी दिल्ली, 25 अप्रैल जीएसटी अधिकारियों ने पिछले छह साल में फर्जी बिलों के आधार पर इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) लेने के लिए एक दर्जन से अधिक बीमा कंपनियों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि इन बीमा कंपनियों ने विज्ञापन एवं विपणन जैसी सेवाएं देने वाली मध्यवर्ती कंपनियों की तरफ से जारी बिलों के आधार पर आईटीसी सुविधा का लाभ उठाया। हालांकि, असलियत में इन बीमा कंपनियों को ऐसी कोई भी सेवा नहीं दी गई थी।
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून के मुताबिक कोई भी कंपनी सेवा नहीं मिलने पर गलत बिल दिखाकर आईटीसी सुविधा का लाभ नहीं ले सकती है।
जीएसटी आसूचना महानिदेशालय की मुंबई शाखा ने पिछले छह साल में बीमा कंपनियों के आईटीसी दावों की जांच की तो पता चला कि 16 बीमा कंपनियां 824 करोड़ रुपये का आईटीसी भुगतान ले चुकी हैं। इसमें से 217 करोड़ रुपये ही बीमा कंपनियों ने स्वेच्छा से चुकाए थे।
सूत्रों ने कहा कि इन बीमा कंपनियों को गलत ढंग से आईटीसी सुविधा लेने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।
जीएसटी विभाग की जांच में पता चला कि ये कंपनियां असल में विज्ञापन फर्मों को बीमा नियामक की स्वीकृत सीमा से अधिक कमीशन का भुगतान कर रही थीं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY