जरुरी जानकारी | टाटा स्टील ने जमशेदपुर कारखाने से वायुमंडल में कार्बन को जाने से रोकने की इकाई लगायी

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नयी दिल्ली, 14 सितंबर टाटा समूह की कंपनी टाटा स्टील ने मंगलवार को कहा कि उसने जमशेदपुर कारखाने में वायुमंडल में कार्बन जाने से रोकने के लिये (कार्बन कैप्चर) इकाई लगायी है। कंपनी की इस पहल से कार्बन उत्सर्जन की समस्या में कमी लाने में मदद मिलेगी।

यह इकाई प्रतिदिन पांच टन कार्बन सोखने में सक्षम है।

टाटा स्टील ने एक बयान में कहा, ‘‘कंपनी ने मंगलवार के अपने जमशेदपुर वर्क्स में 5 टन प्रति दिन (टीपीडी) क्षमता वाले कार्बन सोखने वाली इकाई की शुरूआत की। कंपनी कार्बन सोखने वाली प्रौद्योगिकी अपनाने वाली देश की पहली स्टील कंपनी बन गई है। यह इकाई ब्लास्ट फर्नेस गैस से सीधे कार्बन डाईऑक्साइड खींच निकालती है।’’

टाटा स्टील कार्बन उत्सर्जन के प्रबंधन और उसमें कमी लाने की रूपरेखा ‘सर्कुलर कार्बन इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने के लिए निकाले गए कार्बन डाईऑक्साइड का पुनः उपयोग भी करेगी।

कंपनी के अनुसार वह अमाइन-आधारित टेक्नोलॉजी का उपयोग कर वायुमंडल में जाने से रोके गये कार्बन का पुनः उपयोग करने के लिए इसे संयंत्र पर ही उपलब्ध कराती है।

बयान के अनुसार इस प्रकार, कार्बन डाईऑक्साइड गैस को बढ़े हुए ऊष्मीय मान (कैलोरीफिक वैल्यू) के साथ गैस नेटवर्क में वापस भेज दिया जाता है।

टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने कार्बन को वायुमंडल में जाने से रोकने और उसे फिर से उपयोग वाली इकाई (सीसीयू) का उद्घाटन किया।

बयान के अनुसार इस परियोजना को ‘कार्बन क्लीन’ नामक संस्थान के तकनीकी सहयोग से कार्यान्वित किया गया है।

इस मौके पर नरेंद्रन ने कहा, ‘‘विश्व स्तर पर और विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देश में स्टील उद्योग के सतत विकास के लिए यह आवश्यक है कि हम बड़े पैमाने पर कार्बन डाईऑक्साइड को सोख कर इसका उपयोग करने के लिए किफायती समाधान खोजें...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस पांच टन प्रतिदिन कार्बन डाईऑक्साइड सोखने के संयंत्र से प्राप्त अनुभव हमें भविष्य में इस प्रकार के बड़े संयंत्र स्थापित करने में मदद करेगा।’’

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