देश की खबरें | अधिवास आधारित आरक्षण को लेकर न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करेगी तमिलनाडु सरकार

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चेन्नई, 31 जनवरी तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि वह स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में अधिवास-आधारित आरक्षण को लेकर उच्चतम न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करेगी।

शीर्ष अदालत ने बुधवार को कहा था कि किसी राज्य द्वारा स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में अधिवास-आधारित आरक्षण दिया जाना असंवैधानिक है।

न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति एस. वी. एन. भट्टी की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा था कि यदि इस तरह के आरक्षण की अनुमति दी गई तो यह कई छात्रों के मौलिक अधिकारों पर आक्रमण होगा।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एम. सुब्रमण्यम ने कहा कि राज्य 69 प्रतिशत आरक्षण का पालन करता है, जिसके तहत सामाजिक न्याय सुनिश्चित होता है।

उन्होंने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा, "सामाजिक न्याय बनाए रखने के लिए तमिलनाडु में आरक्षण अभिन्न अंग है। आदेश के कार्यान्वयन से राज्य के अधिकार प्रभावित होंगे।"

सुब्रमण्यम ने कहा कि इससे तमिलनाडु के छात्रों को दिए जाने वाले 50 प्रतिशत आरक्षण पर असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, "फैसले पर चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ चर्चा जारी है। विचार-विमर्श के तुरंत बाद उच्चतम न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की जाएगी।"

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