विदेश की खबरें | चीन के विमानों को उड़ाने, युद्धपोत तैनात करने के बीच ताइवान ने अपनी प्रतिरक्षा को सक्रिय किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यह तैनाती ऐसे वक्त हुई है जब चीन ने ताइवान के खिलाफ संभावित नाकाबंदी या हमले की तैयारी बढ़ाई है, जिससे ताइवान के प्रमुख सहयोगी अमेरिका की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह तैनाती ऐसे वक्त हुई है जब चीन ने ताइवान के खिलाफ संभावित नाकाबंदी या हमले की तैयारी बढ़ाई है, जिससे ताइवान के प्रमुख सहयोगी अमेरिका की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

पिछले महीने एक पत्र में अमेरिकी वायु सेना के जनरल माइक मिनिहान ने अधिकारियों को 2025 में ताइवान को लेकर अमेरिका-चीन संघर्ष के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया था। एयर मोबिलिटी कमान के प्रमुख के रूप में, मिनिहान को चीनी सेना की गहरी समझ है और उनकी टिप्पणियां अमेरिका द्वारा तैयारी बढ़ाने के आह्वान के अनुरूप हैं।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 20 चीनी विमानों ने मंगलवार को ताइवान जलडमरूमध्य में सेंट्रल लाइन को पार किया जो लंबे समय से अनौपचारिक बफर जोन रहा है।

चीन ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है, जबकि ताइवान के अधिकतर लोग चीन की सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण में आने का विरोध करते हैं। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ताइवान के सशस्त्र बलों ने ‘‘इन गतिविधियों का जवाब देने के लिए स्थिति की निगरानी की।’’

चीन ने लगभग दैनिक आधार पर ताइवान के पास हवाई क्षेत्र में युद्धपोत, बमवर्षक, लड़ाकू विमान भेजे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की तत्कालीन अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी और यूरोपीय संघ के कई नेताओं के हाल के महीनों में ताइवान के दौरे के बीच दोनों पक्षों ने सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।

पिछले साल अगस्त में पेलोसी की यात्रा पर आपत्ति जताते हुए चीन ने ताइवान के आसपास युद्धाभ्यास किया था और मिसाइल दागी थी। ताइवान से करीबी संबंध रखने वाले देशों के खिलाफ चीन ने बदले की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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