जरुरी जानकारी | टी+1 निपटान प्रणाली बाजार सहभागियों के हित में है: सेबी अध्यक्ष

नयी दिल्ली, 16 सितंबर पूंजी बाजार नियामक सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी ने बृहस्पतिवार को कहा कि टी+1 (कारोबारी दिन के अलावा एक दिन) निपटान चक्र बाजार सहभागियों के हित में है और नई प्रणाली से नकदी का विखंडन नहीं होगा।

त्यागी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘जल्दी निपटान सभी बाजार सहभागियों के लिए अच्छा होगा। यह सभी के हित में है और नई प्रणाली से नकदी का विखंडन नहीं होगा।’’

इससे पहले ब्रोकरों के संघ ने कम अवधि की निपटान प्रणाली को लागू करने पर चिंता जताई थी।

सेबी द्वारा वैकल्पिक टी+1 (सौदा और एक दिन) निपटान प्रणाली शुरू करने के फैसले से ग्राहकों के लिए मार्जिन की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है और इससे इक्विटी बाजारों में खुदरा निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

टी+1 का मतलब है कि वास्तविक लेनदेन होने के एक दिन के भीतर सौदे का निपटान करना होगा। इस समय भारतीय शेयर बाजारों पर सौदों का निपटान लेनदेन के बाद दो कार्य दिवसों में किया जाता है, जो टी+2 कहा जाता है।

सेबी ने फिलहाल वैकल्पिक आधार पर इस व्यवस्था को लागू किया है। नई व्यवस्था एक जनवरी 2022 से लागू होगी।

त्यागी ने कहा कि भारतीय बाजारों में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने में तेजी देखी जा रही है।

पिछले 18 महीनों के दौरान प्रौद्योगिकी कंपनियों ने आईपीओ के जरिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है, जबकि लगभग 30,000 करोड़ रुपये और जुटाने की योजना है।

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक आईपीओ के जरिए जुटाई गई धनराशि पूरे वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान जुटाई गई राशि के बराबर है, जो 46,000 करोड़ रुपये थी।

सेबी अध्यक्ष ने कहा कि बाजार में व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ी है और 2019-20 में औसतन प्रति माह लगभग चार लाख नए डीमैट खाते खोले गए, जबकि यह आंकड़ा 2020-21 में बढ़कर 12 लाख प्रति माह हो गया।

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