वह 65 वर्ष के थे।
अरीकात की फतेह पार्टी ने एक बयान में उनके निधन की जानकारी दी। उनके एक संबंधी तथा फलस्तीनी अधिकारी ने भी उनके निधन की पुष्टि की है।
अरीकात के परिवार में पत्नी, दो बेटे, दो जुड़वां बेटियां और आठ पोते-पोती तथा नाती-नातिन हैं।
अमेरिका में शिक्षा प्राप्त करने वाले अरीकात इजरायल और फलस्तीन के बीच हुई लगभग प्रत्येक शांति वार्ता में शामिल हुए, जिनमें 1991 में हुआ ऐतिहासिक मैड्रिड सम्मेलन भी शामिल है।
इसके अगले कुछ दशकों तक वह पश्चिमी मीडिया में दिखाई देते रहे, जहां उन्होंने दशकों पुराने विवाद को खत्म करने के लिये द्वि-राष्ट्र समाधान को लेकर वार्ता करने की पुरजोर वकालत की। साथ ही उन्होंने फलस्तीनी नेतृत्व का बचाव किया और कोई समझौता न हो पाने के लिये इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY