विदेश की खबरें | सू ची के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई सोमवार से होगी, आलोचकों ने आरोपों को फर्जी बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पिछले साल हुए आम चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सेना ने एक फरवरी को देश में तख्ता पलट कर दिया था और सू ची समेत सरकार के तमाम वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया था जिनमें राष्ट्रपति विन मिंत भी शामिल हैं।

पिछले साल हुए आम चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सेना ने एक फरवरी को देश में तख्ता पलट कर दिया था और सू ची समेत सरकार के तमाम वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया था जिनमें राष्ट्रपति विन मिंत भी शामिल हैं।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आरोप लगाया गया है कि नेपीता में विशेष अदालत में जिन इल्ज़ामों की सुनवाई होगी, वे फर्जी और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और उनकी मंशा सू ची की जीत को अवैध करार देना और उन्हें सत्ता की दौड़ में फिर से शामिल होने से रोकना है।

संगठन के एशिया क्षेत्र के उप निदेशक फिल रॉबर्टसन ने कहा कि इस मुकदमे का मकसद सू ची और उनकी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी को एक ताकत के तौर पर बेअसर करना है ताकि वे भविष्य में सैन्य शासन को चुनौती न दे सकें।

सू ची पर आरोप है कि उन्होंने अपने अंग रक्षकों के इस्तेमाल के लिए गैर कानूनी तरीके से वॉकी टॉकी आयात किए, बिना लाइसेंस के रेडियो इस्तेमाल किया, ऐसी सूचना का प्रसार किया जिससे अशांति फैला सकती थी और 2020 में चुनाव प्रचार के दौरान प्राकृतिक आपदा प्रबंधन कानून का उल्लंघन किया है।

रॉबर्टसन ने कहा कि सभी आरोपों को खारिज किया जाना चाहिए और सू ची की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की जानी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई मिलने की उम्मीद नहीं है।

बहरहाल, सरकारी अभियोजकों को 28 जून तक अपनी दलीलें पूरी करनी होंगी वहीं सू ची के वकील 26 जुलाई तक अपना पक्ष रखेंगे।

एपी

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