ताजा खबरें | गुजरात का मुद्दा उठाने के कारण राज्यसभा से निलंबित किया गया : संदीप पाठक
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्हें और उनकी पार्टी के एक और सदस्य सुशील गुप्ता को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गुजरात में जहरीली शराब के कारण कई लोगों की मौत का मुद्दा सदन में उठाने के लिए निलंबित कर दिया गया।
नयी दिल्ली, 28 जुलाई आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्हें और उनकी पार्टी के एक और सदस्य सुशील गुप्ता को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गुजरात में जहरीली शराब के कारण कई लोगों की मौत का मुद्दा सदन में उठाने के लिए निलंबित कर दिया गया।
उच्च सदन में बृहस्पतिवार को आप नेता पाठक और सुशील कुमार गुप्ता के अलावा अजीत कुमार भुइयां (निर्दलीय) को सदन में अशोभनीय आचरण के कारण मौजूदा सप्ताह के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया। इससे एक दिन पहले आप सदस्य संजय सिंह को अशोभनीय आचरण के कारण निलंबित कर दिया था।
पाठक ने अपने निलंबन के बाद कहा, "मुझे और सुशील गुप्ता को निलंबित कर दिया गया। हमारी एकमात्र गलती यह थी कि हम गुजरात में जहरीली शराब से लोगों की मौत से संबंधित मुद्दा उठाने का प्रयास कर रहे थे।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी सरकार को गुजरात के लोगों की परवाह नहीं है।
हाल में पंजाब से राज्यसभा के लिए निर्वाचित सदस्य पाठक ने आरोप लगाया कि गुजरात में जहरीली शराब के कारण अब तक 75 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अब भी बीमार हैं जिन्हें इलाज की आवश्यकता है "लेकिन राज्य की भाजपा सरकार वास्तविक आंकडों को छुपा रही है।’’
उन्होंने दावा किया, "मृतकों की संख्या कम बताने के लिए अस्पतालों में शवों को लावारिस घोषित किया जा रहा है। कई लोग अब भी अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा है।"
पाठक ने मांग की कि गुजरात सरकार को "तुरंत" निलंबित किया जाना चाहिए क्योंकि उसे बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
चुनावी प्रदेश गुजरात में पार्टी के राजनीतिक मामलों के प्रभारी पाठक ने कहा कि उनका और गुप्ता का राज्यसभा से निलंबन उन्हें और पार्टी नेताओं को लोगों की आवाज उठाने से नहीं रोक सकेगा। उन्होंने कहा, "वे हमें जितनी बार चाहें, (राज्यसभा से) निलंबित कर सकते हैं... लेकिन हम लोगों की आवाज उठाते रहेंगे।"
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