देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने अपीलें दायर करने में सरकारी अधिकारियों की देरी पर नाखुशी प्रकट की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने उसके समक्ष अपीलें दायर करने में सरकारी अधिकारियों द्वारा ‘अत्यधिक विलंब’ करने पर नाखुशी प्रकट की और कहा कि उन्हें ‘ न्यायिक वक्त बर्बाद करने को लेकर खामियाजा भरना चाहिए’ तथा ऐसी कीमत जिम्मेदार अधिकारियों से वसूली जानी चाहिए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने उसके समक्ष अपीलें दायर करने में सरकारी अधिकारियों द्वारा ‘अत्यधिक विलंब’ करने पर नाखुशी प्रकट की और कहा कि उन्हें ‘ न्यायिक वक्त बर्बाद करने को लेकर खामियाजा भरना चाहिए’ तथा ऐसी कीमत जिम्मेदार अधिकारियों से वसूली जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति एस के कौल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत ऐसी जगह नहीं हो सकती है कि अधिकारी कानून में निर्धारित समय सीमा की अनदेखी कर जब जी चाहे, आ जायें।

यह भी पढ़े | Mumbai Monorail To Resume: मुंबई मोनोरेल सेवा आज से शुरू, इन नियमों का पालन अनिवार्य.

न्यायमूर्ति कौल और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा, ‘‘ हमने मुद्दा उठाया है कि यदि सरकारी मशीनरी समय से अपील/याचिका दायर करने में इतनी नाकाबिल और असमर्थ है तो समाधान यह हो सकता है कि विधानमंडल से अनुरोध किया जाए कि अक्षमता के चलते सरकारी अधिकारियों के लिए अपील/याचिका दायर करने की अवधि बढ़ायी जाए। ’’

पीठ ने 663 दिनों की देरी के बाद मध्यप्रदेश द्वारा दायर की गयी अपील पर अपने आदेश में कहा, ‘‘(लेकिन) जब तक कानून है तब तक अपील/याचिका निर्धारित अवधि के अनुसार दायर करनी होगी।’’

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: चिराग पासवान का नीतीश कुमार पर हमला, कहा- सीएम हर रोज मेरे और बीजेपी के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

शीर्ष अदालत ने कहा कि देरी के लिए क्षमा आवेदन में कहा गया है कि दस्तावेजों की अनुपलब्धता एवं उनके इंतजाम की प्रक्रिया के चलते देर हुई और यह भी कि ‘नौकरशाही प्रक्रिया कार्य में कुछ देर होती है।’’

पीठ ने कहा, ‘‘ हम विस्तृत आदेश लिखने के लिए बाध्य हैं क्योंकि ऐसा जान पड़ता है कि सरकार और सरकारी अधिकारियों को दिये गये हमारे परामर्श का कोई फर्क नहीं पड़ा यानि उच्चतम न्यायालय कोई ऐसी जगह नहीं हो सकती है जहां अधिकारी कानून में निर्धारित समय सीमा की अनदेखी कर जब जी चाहे, आ जायें।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

LSG vs RR, IPL 2026 32nd Match Scorecard: इकाना स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रनों से रौंदा, जोफ्रा आर्चर ने की घातक गेंदबाजी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Bengaluru Shocker: कर्नाटक के कोडागु में अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ दुष्कर्म, झारखंड के आरोपी समेत होमस्टे मालिक गिरफ्तार

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 33वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस को हराकर तीसरी जीत दर्ज करना चाहेगी चेन्नई सुपरकिंग्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू