नयी दिल्ली, 10 जनवरी रियल इस्टेट कंपनी सुपरटेक समूह के अध्यक्ष और प्रवर्तक आर. के. अरोड़ा ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत से धनशोधन के मामले में तीन महीने की अंतरिम जमानत देने की गुहार लगाई। उन्होंने दावा किया कि वह विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं।
अरोड़ा ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जांगला से कहा कि गिरफ्तारी के बाद से अब तक उनका करीब 10 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और ‘तत्काल चिकित्सा सहायता’की जरूरत है।
अरोड़ा को 27 जून 2023 को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई 12 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।
सुपरटेक समूह, उसके निदेशकों और प्रवर्तकों के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)कथित धनशोधन के आरोपों की जांच कर रहा है।
ईडी, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा सुपरटेक लिमिटेड और इस समूह की कंपनियों के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी,फर्जीवाड़ा और आपराधिक विश्वासघात के आरोप में दर्ज 26 प्राथमिकी के आधार पर जांच कर रही है। कंपनी पर कम से कम 670 मकान खरीददारों से 164 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
सुपरटेक समूह 1988 में बना था और अब तक उसने विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में करीब 80 हजार अपार्टमेंट बेचे हैं। कंपनी की इस समय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 25 परियोजनाएं चल रही हैं और उसे 20 हजार से अधिक अपार्टमेंट खरीददारों को उनके मकानों पर कब्जा देना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY