जरुरी जानकारी | कम आय वाले समूहों के लिए सूक्ष्म बीमा मॉड्यूल लाने के सुझाव आए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीमा नियामक आईआरडीएआई की बनाई एक समिति ने बीमा के दायरे में नहीं आने वाली आबादी और छोटे व्यवसायों तक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार करने के लिए कम कीमत वाले एक दर्जन से अधिक सूक्ष्म बीमा (एमआई) मॉड्यूल के सुझाव दिए हैं।
नयी दिल्ली, एक मई बीमा नियामक आईआरडीएआई की बनाई एक समिति ने बीमा के दायरे में नहीं आने वाली आबादी और छोटे व्यवसायों तक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार करने के लिए कम कीमत वाले एक दर्जन से अधिक सूक्ष्म बीमा (एमआई) मॉड्यूल के सुझाव दिए हैं।
इस समिति ने कहा है कि बीमा कंपनियों को कॉम्बी एमआई (सूक्ष्म वित्त) उत्पादों के लिए मॉड्यूलर दृष्टिकोण अपनाने की इजाजत देनी चाहिए। ‘एमआई’ का लक्ष्य कम आय वाले लोगों को सस्ते बीमा उत्पादों के जरिए सुरक्षा मुहैया करवाना है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन लक्षित समूहों की बीमा सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक हल, समाज के इस वर्ग तक बीमा पहुंच बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार होगा। इसमें कहा गया कि कॉम्बी एमआई उत्पाद को मॉड्यूलर आधार पर विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा बीमा प्रदाता को यह छूट दी जा सकती है कि वह विभिन्न लोगों और समूहों को उनकी जरूरतों के मुताबिक कवरेज उपलब्ध करवा सके।
समिति ने 14 मानक मॉड्यूल की सिफारिश की है। आईआरडीएआई ने हितधारकों से 15 मई तक इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया मांगी है।
समिति ने कहा है कि आदर्श रूप में हरेक बीमा कंपनी को कॉम्बी बीमा उत्पादों की पेशकश करनी चाहिए।
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