जरुरी जानकारी | चीनी उत्पादन वर्ष 2021-22 में 310 लाख टन पर अपरिवर्तित रहेगा: इस्मा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गन्ने के शीरे को एथनॉल बनाने के लिए अधिक मात्रा में स्थानांतरित किए जाने की वजह से भारत का चीनी उत्पादन, अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले विपणन वर्ष में लगभग 310 लाख टन के स्तर पर अपरिवर्तित बने रहने का अनुमान है। उद्योग निकाय इस्मा का यह मानना है।
नयी दिल्ली, 14 जुलाई गन्ने के शीरे को एथनॉल बनाने के लिए अधिक मात्रा में स्थानांतरित किए जाने की वजह से भारत का चीनी उत्पादन, अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले विपणन वर्ष में लगभग 310 लाख टन के स्तर पर अपरिवर्तित बने रहने का अनुमान है। उद्योग निकाय इस्मा का यह मानना है।
चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।
भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने एक बयान में कहा कि विपणन वर्ष 2021-22 में गन्ने का कुल रकबा लगभग 54.55 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है, जो चालू वर्ष में लगभग 52.88 लाख हेक्टेयर गन्ना खेती के रकबे से लगभग तीन प्रतिशत अधिक है।
चालू 2020-21 विपणन वर्ष में, चीनी का उत्पादन अब तक 307 लाख टन तक पहुंच गया है और तमिलनाडु और कर्नाटक में विशेष सत्र में लगभग दो लाख टन अधिक चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है।
इससे वर्ष 2020-21 में कुल चीनी उत्पादन लगभग 309 लाख टन हो जाएगा।
इस्मा ने कहा कि उसका अनुमान है कि वर्ष 2020-21 में चीनी उत्पादन करीब 310 लाख टन का हो सकता है। यह चालू वर्ष के चीनी उत्पादन के समान ही होगा।
हालांकि, इस्मा ने कहा कि निविदा होने और चीनी मिलों द्वारा एथनॉल आपूर्ति के लिए बोलियां दिए जाने के बाद गन्ना शीरे को स्थानांतरित किये जाने के बारे में बेहतर अंदाजा होगा, जो अक्टूबर में कभी होगा।
बुधवार को इस्मा द्वारा आयोजित बैठक में प्रारंभिक अनुमान को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें देश भर के चीनी उत्पादक राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
एथनॉल बनाने के लिए गन्ना शीरा के स्थानांतरण को जोड़े बिना, विपणन वर्ष 2021-22 के दौरान कुल चीनी उत्पादन लगभग 344 लाख टन होने का अनुमान है।
चालू सत्र में पांच जुलाई तक एथनॉल की कुल अनुबंधित मात्रा 333 करोड़ लीटर है।
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