जरुरी जानकारी | सुभाष चंद्रा, गोयनका ने सेबी के आदेश को सैट में चुनौती दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लि. (जेडईईएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत गोयनका ने बाजार नियामक सेबी के उस अंतरिम आदेश को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या कोई अन्य प्रमुख प्रबंधकीय पद लेने से रोक दिया गया है।
नयी दिल्ली, 13 जून एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लि. (जेडईईएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत गोयनका ने बाजार नियामक सेबी के उस अंतरिम आदेश को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या कोई अन्य प्रमुख प्रबंधकीय पद लेने से रोक दिया गया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने चंद्रा और गोयनका पर यह कार्रवाई जेडईईएल के कोष की कथित तौर पर हेराफेरी करने के मामले में सोमवार को की थी। इसके तहत दोनों को किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक बनने या प्रमुख प्रबंधकीय पद लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सेबी के इस फैसले को चंद्रा और गोयनका दोनों ने अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी है। सैट इस अपील पर बृहस्पतिवार (15 जून) को सुनवाई करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने अपनी अपील में कहा है कि उन्हें इस मामले में सेबी की तरफ से कोई भी कारण बताओ नोटिस नहीं जारी किया गया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों का पालन नहीं किया गया। इस बारे में जेडईईएल से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
सेबी के मुताबिक, नियमों के कथित उल्लंघन के समय जेडईईएल के चेयरमैन चंद्रा और निदेशक गोयनका ने अहम प्रबंधकीय पद पर रहते हुए अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया और अपने निजी लाभ के लिए कंपनी के कोष दूसरी कंपनियों में लगा दिया।
सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि जेडईईएल के कोष को खपाने के लिए महज दो दिन में ही 13 फर्मों में लगाया गया।
सेबी ने कहा कि ज़ी एंटरटेनमेंट के शेयरों का मूल्य वर्ष 2018-19 में 600 रुपये हुआ करता था लेकिन वर्ष 2022-23 तक यह गिरकर 200 रुपये के करीब आ गया। कंपनी के लाभ में होने के बावजूद शेयर मूल्य में आई गिरावट से यही निष्कर्ष निकलता है कि कंपनी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं था।
खास बात यह है कि इस अवधि में ज़ी एंटरटेनमेंट में प्रवर्तकों की शेयरधारिता 41.62 प्रतिशत से गिरकर 3.99 प्रतिशत रह गई। इतनी कम हिस्सेदारी के बावजूद चंद्रा और गोयनका अहम पदों पर बने हुए हैं।
जेडईईएल के चेयरमैन आर गोपालन ने सोमवार को कहा था कि कंपनी का निदेशक मंडल सेबी के विस्तृत आदेश की समीक्षा कर रहा है। उसके बाद कानूनी सलाह लेकर इस बारे में उपयुक्त कदम उठाया जाएगा।
अजय
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