ताजा खबरें | विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र को भारतीय संस्थान में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली: सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र को किसी भी भारतीय चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित करने या समायोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है।
नयी दिल्ली, 22 जुलाई सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र को किसी भी भारतीय चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित करने या समायोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ भारती पवार ने लोकसभा में कुछ सदस्यों के प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह बात कही।
सदस्यों ने पूछा था कि क्या पश्चिम बंगाल ने यूक्रेन से लौटे 400 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिया है?
पवार ने अपने उत्तर में कहा कि एनएमसी ने कहा है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि विदेशी मेडिकल छात्र या तो ‘स्क्रीन टेस्ट विनियम, 2002’ या ‘विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंस विनियम, 2021’ जैसा भी मामला हो, के दायरे में आते हैं।
पवार ने कहा कि भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम 1956 और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 और साथ ही विनियमों में मेडिकल छात्रों को किसी भी विदेशी चिकित्सा संस्थान से भारतीय मेडिकल कॉलेजों में समायोजित करने या स्थानांतरित करने का ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि एनएमसी द्वारा किसी भी विदेशी मेडिकल छात्र को किसी भी भारतीय चिकित्सा संस्थान/विश्वविद्यालय में स्थानांतरित करने या समायोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है।
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