देश की खबरें | अंतर्देशीय मछली उत्पादन में इजाफा करें राज्य सरकारें : केंद्रीय मंत्री
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इंदौर (मध्यप्रदेश), 13 जून केंद्रीय मत्स्यपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सागर तट से दूर स्थित राज्यों की सरकारों से शुक्रवार को अपील की कि वे अंतर्देशीय मछली पालन को बढ़ावा देकर उत्पादन में इजाफा करें ताकि निर्यात में उनकी भागीदारी में वृद्धि हो सके।
अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में नदियों, झीलों, तालाबों और जलाशयों जैसे स्रोतों में मछली पकड़ना और पालना शामिल है।
सिंह ने इंदौर में ‘अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि सम्मेलन 2025’ के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। इसमें करीब 70 प्रतिशत योगदान अंतर्देशीय मत्स्यपालन का है। राज्यों में अंतर्देशीय मत्स्यपालन के जरिये उत्पादन बढ़ाने की अब भी अपार संभावनाएं हैं।"
उन्होंने हालांकि कहा कि मछली और अन्य जलीय उत्पादों के निर्यात में अंतर्देशीय मत्स्यपालन का पर्याप्त योगदान नहीं है।
‘ललन सिंह’ के नाम से मशहूर केंद्रीय मंत्री ने कहा,‘‘अगर अंतर्देशीय मत्स्यपालन बढ़ेगा, उत्पादों की गुणवत्ता में इजाफा होगा और इनका बेहतर प्रसंस्करण होगा, तो निर्यात में राज्यों की भागीदारी बढ़ेगी। केंद्र सरकार इस सिलसिले में राज्यों की हरसंभव मदद करने को तैयार है।’’
इससे पहले, सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान सिंह ने 'नीली क्रांति', मत्स्यपालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि (एफआईडीएफ) जैसी पहलों का हवाला दिया और कहा कि मछलीपालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कुल 38,572 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
सम्मेलन में देश भर के राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ ही केंद्रीय मत्स्यपालन विभाग के दोनों राज्य मंत्री-एसपी सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित थे।
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