देश की खबरें | स्टालिन ने निर्वासितों के साथ अमेरिका के व्यवहार को लेकर केंद्र की आलोचना की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अमेरिका द्वारा निर्वासित भारतीय नागरिकों को हथकड़ी और बेड़ियां पहनाने को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार की कड़ी आलोचना की है।

चेन्नई, नौ फरवरी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अमेरिका द्वारा निर्वासित भारतीय नागरिकों को हथकड़ी और बेड़ियां पहनाने को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार की कड़ी आलोचना की है।

स्टालिन ने साथ ही प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में भगदड़ की घटना में लोगों की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और समुचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं किये जाने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तमिलनाडु को उसके हिस्से का धन जारी नहीं करने और राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी मदद का हाथ नहीं बढ़ाने का आरोप लगाया।

स्टालिन ने तमिलनाडु को ‘‘धोखा’’ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को खुद को सुधारना चाहिए, वरना जनता उसे सुधार देगी और यदि केंद्र सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो जनता की अदालत में उसका सम्मान कम होता जायेगा।

महाकुंभ में भगदड़ में हुई मौतों को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख ने आरोप लगाया कि उचित सुरक्षा प्रबंध नहीं किए जाने के कारण 48 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा किवहां की भाजपा सरकार का हालांकि कहना है कि भगदड़ की घटना में केवल 30 लोगों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मीडिया का कहना है कि मृतकों की संख्या 48 है। उस राज्य के नेताओं का कहना है कि यह संख्या और भी अधिक हो सकती है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि शवों को हटाने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया गया। संसद में इस मामले पर चर्चा नहीं होने दी गई। आपने महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया! क्या भाजपा सरकार का यह कर्तव्य नहीं है कि वह श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करती?’’

अमेरिका द्वारा कुछ दिन पहले निर्वासित किए गए भारतीयों को हथकड़ी लगाने और पैरों में बेड़ियां डालने की घटना को क्रूर बताते हुए स्टालिन ने कहा कि उनकी पीड़ा देखकर आंसू निकल आए। उन्होंने कहा कि हालांकि विदेश मंत्री एस जयशंकर, जिन्हें इस मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत करनी चाहिए, एक तरह से अमेरिकी कार्रवाई को उचित ठहराने वाला स्पष्टीकरण दे रहे थे। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या भारतीयों की सुरक्षा का यही मानक है?’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया है कि उन्होंने विश्व के अपने दौरे के माध्यम से देशों के बीच भारत का सम्मान बढ़ाया है। स्टालिन ने आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या मोदी अमेरिका द्वारा 104 भारतीयों के साथ किए गए व्यवहार को अपमान नहीं मानते हैं।

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या अमेरिकी राष्ट्रपति आपके मित्र नहीं हैं? प्रधानमंत्री मोदी को इस मुद्दे पर ट्रंप से बात करनी चाहिए थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपकी भारतीय राष्ट्रीय राजनीति में चुप्पी का क्या कारण है? क्या यह स्पष्ट नहीं है कि भाजपा के लिए केंद्र में सत्ता बरकरार रखने के अलावा कोई और उद्देश्य नहीं रह गया है?’’

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