वैलेंटाइन डे पर कुत्ते बिल्लियों के लिए अरबों डॉलर खर्च

वैलेंटाइन डे अब पालतू जानवरों के लिए भी बड़ा उत्सव बनता जा रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

वैलेंटाइन डे अब पालतू जानवरों के लिए भी बड़ा उत्सव बनता जा रहा है. जानवरों को पालने वाले बहुत सारे लोग इस मौके का जश्न अपने पालतू जीवों के साथ मनाना चाहते हैं.कभी प्रेम और रोमांस का एक साधारण उत्सव रहा वैलेंटाइन डे, अब अरबों डॉलर का उद्योग बन चुका है. प्राचीन परंपराओं से लेकर आधुनिक दौर तक, प्रेम के इस दिन ने बड़े बदलाव देखे हैं, जिन्हें बाजार और बदलते सांस्कृतिक मानकों ने गति दी है. चॉकलेट, फूल और कार्डों से मनने वाला यह उत्सव अब पालतू जानवरों के लिए भी बहुत अहम हो गया है.

वैलेंटाइन डे की शुरुआत

वैलेंटाइन डे की जड़ें प्राचीन रोम के लुपरकेलिया त्योहार से जुड़ी है. यह 15 फरवरी को प्रजनन उत्सव के रूप में मनाया जाता था. बाद में कैथोलिक चर्च ने इसे सेंट वैलेंटाइन से जोड़ दिया, जिन्हें गुप्त रूप से विवाह कराने के कारण सम्राट क्लॉडियस द्वितीय ने मृत्युदंड दिया था.

ईसा बाद साल 496 में, पोप गेलैसियस प्रथम ने 14 फरवरी को सेंट वैलेंटाइन दिवस घोषित किया. मध्य युग में, यह यूरोप में लोकप्रिय हुआ, जहां प्रेम पत्र और कविताओं का प्रचलन बढ़ा. पहला ज्ञात वैलेंटाइन लेटर साल 1415 में ड्यूक ऑफ ऑरलियंस ने जेल से लिखा था.

वैलेंटाइन डे और बाजार

1840 के दशक में, एस्तेर हॉवलैंड (जिन्हें "अमेरिकन वैलेंटाइन की जननी" कहा जाता है) ने झिलमिलाते फीते से सजे कार्डों की बिक्री को लोकप्रिय बनाया. 20वीं सदी की शुरुआत तक, हॉलमार्क ने भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए वैलेंटाइन डे कार्डों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया, जिससे लिखित रोमांटिक संदेशों की परंपरा और मजबूत हो गई.

जैसे-जैसे 20वीं सदी आगे बढ़ी, विज्ञापन देने वाली कंपनियों और व्यापारियों ने वैलेंटाइन डे को कार्ड्स से आगे बढ़ाकर चॉकलेट, फूल और गहनों तक फैला दिया.आज, हर साल करीब 2.7 करोड़ किलोग्राम चॉकलेट और 25 करोड़ मिलियन गुलाब वैलेंटाइन डे के लिए बेचे जाते हैं. अब यह उत्सव पालतू जीवों तक पहुंच गया है. लोग प्यार का त्यौहार अपने प्यारे पालतू जीवों के साथ मनाने लगे है.

अरबों डॉलर का उद्योग

नेशनल रिटेल फेडरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी इस अवसर पर हर साल 20 अरब डॉलर से अधिक खर्च करते है. अब यह सिर्फ पारंपरिक उपहारों तक सीमित नहीं है. रोमांटिक डिनर, यात्रा, और विशेष अनुभवों पर भी खर्च लगातार बढ़ रहा है. पालतू पशुओं के मालिक भी इस दिन को मनाने के लिए अपने पालतू जानवरों पर लाखों डॉलर खर्च करते हैं.

सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के युग में, यह पर्व और भी बड़ा हो गया है. अब वैलेंटाइन डे केवल एक भावनात्मक परंपरा नहीं, बल्कि लक्जरी खर्च और वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख अवसर है.

कैपिटल वन शॉपिंग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल पालतू पशु मालिकों ने अपने पालतू जानवरों के लिए वैलेंटाइन डे पर 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च किए.

अमेरिका में वैलेंटाइन डे पर खरीदारी

नेशनल रिटेल फाउंडेशन के 2024 सर्वेक्षण के अनुसार, उपभोक्ता अपने जीवनसाथी और रोमांटिक पार्टनर के लिए उपहारों को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन वे अपने पालतू जानवरों को भी नहीं भूल रहे.

जनवरी 2024 में कनाडा के "कैडल" और "रिटेल काउन्सिल ऑफ कनाडा" द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में लगभग 9,000 लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें पाया गया कि 4.3% उत्तरदाताओं ने विशेष रूप से अपने पालतू जानवरों के लिए गिफ्ट, पालतू उत्पाद और ग्रूमिंग उत्पाद खरीदे.

यूनाइटेड किंगडम में वैलेंटाइन डे

ब्रिटिश पालतू भोजन विक्रेता "जोलएस" के अनुसार, 30.4% ब्रिटिश पालतू मालिकों ने कभी न कभी अपने पालतू जानवर के लिए वैलेंटाइन डे गिफ्ट खरीदा है.

1,180 पालतू जीवों के मालिकों पर किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार 25 से 34 वर्ष की उम्र के लोग सबसे अधिक अपने पालतू जानवरों के लिए गिफ्ट खरीदते है. जिसमे 34.81% पुरुष और 26.84% महिलाएं की तुलना में अपने पालतू जानवरों के लिए अधिक गिफ्ट खरीदते है. यूके में 33.74% कुत्तो, 27.95% बिल्लियां, 25% पक्षी और 10 % मछलियों के लिए वैलेंटाइन गिफ्ट खरीदे गए.

भारत में वैलेंटाइन डे का बाजार

ऑनलाइन गिफ्टिंग प्लेटफार्म विन्नी की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में, भारत में वेलेंटाइन डे की बिक्री का अनुमानित आंकड़ा लगभग 25,000 करोड़ रुपये (लगभग 3 बिलियन डॉलर) था. पिछले वर्षों की तरह, फैशन, लाइफस्टाइल, ब्यूटी, वेलनेस, फूड, बेवरेजेज और गिफ्टिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों के ब्रांड्स 2025 में 10% से लेकर 250% तक की बिक्री बढ़ने का अनुमान है.

भारत का पालतू उद्योग तेजी से विस्तार की कगार पर है. इंडियन पेट इंडस्ट्री जॉइंट एडवाइजरी काउंसिल के अनुसार, यह क्षेत्र अगले पांच वर्षों में 20% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सी ऐ जी आर) से आगे बढ़ने वाला है. इसका बाजार आकार 2030 तक 1,932.6 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. पिछले दो वर्षों में 70 से अधिक नई पेट केयर कंपनियां स्थापित हो चुकी हैं, जो इस क्षेत्र के तेजी से बढ़ते प्रभाव को दिखाता है.

वैलेंटाइन्स डे पर भारतीय पेट पैरेंट भी पीछे नहीं है. कंपनियां कई तरह के ऑफर्स और वैलेंटाइन कोम्बोस पेट पेरेंट के लिए बाजार में ले कर आई है. 10 मिनट रिटेल कंपनी जैसे ब्लिंक इट ने अपने वैलेंटाइन कॉम्बो गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के अलावा पर्र-फेक्ट वैलेंटाइन (पालतू पशु) के लिए भी कॉम्बो डिलीवर कर रही है. इंस्टाग्राम पेज, पेट कैफे और ग्रूमिंग सलून भी पेट पेरेंट्स के लिए अलग अलग ऑफर दे रही हैं.

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