देश की खबरें | माओवादी विचारधारा प्रसारित करने में इस्तेमाल किया जा रहा स्पीकर जब्त : पुलिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सली अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाने के लिए आमतौर पर बैनर पोस्टर का सहारा लेते हैं। लेकिन पुलिस ने पहली बार सोमवार को कांकेर जिले के जंगल से बैटरी के चलने वाला छोटा स्पीकर बरामद किया है, जिसमें सरकार विरोधी गाना बजाया जा रहा था तथा माओवादी विचारों का प्रचार प्रसार किया जा रहा था।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सली अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाने के लिए आमतौर पर बैनर पोस्टर का सहारा लेते हैं। लेकिन पुलिस ने पहली बार सोमवार को कांकेर जिले के जंगल से बैटरी के चलने वाला छोटा स्पीकर बरामद किया है, जिसमें सरकार विरोधी गाना बजाया जा रहा था तथा माओवादी विचारों का प्रचार प्रसार किया जा रहा था।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि पुलिस ने कांकेर जिले के पंखाजूर—कापसी मार्ग पर एक पोर्टेबल स्पीकर बरामद किया है। इस स्पीकर में मेमोरी कार्ड के माध्यम से गाना बजाया जा रहा था।
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सुदंरराज ने बताया कि पुलिस ने इसके साथ ही बैनर पोस्टर भी बरामद किया गया है। इसमें 28 जुलाई से तीन अगस्त के मध्य चलने वाले शहीद सप्ताह को सफल बनाने का अनुरोध किया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है कि पुलिस ने क्षेत्र से माओवादियों के संदेश प्रसारित करने के लिए इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद किया है। नक्सली अपना संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए ज्यादातर बैनर पोस्टर और पम्फलेट आदि का सहारा लेते हैं।
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उन्होंने बताया कि हो सकता है कि माओवादियों ने अपने विचारों और संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए उपकरण को चालू कर वहां रख दिया हो। हालांकि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस दलों को जंगल में ऐसे किसी भी उपकरणों को छूने से मना किया गया है, क्योंकि नक्सली सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए इन उपकरणों में बम भी लगा सकते हैं।
सुंदरराज ने बताया कि नक्सलियों के शहीद सप्ताह को देखते हुए बस्तर क्षेत्र के सात जिलों - दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा तथा कांकेर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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